शिक्षा अधिकार अधिनियम अंतर्गत 13 मार्च से प्रारंभ होगी अशासकीय विद्यालयों में बच्चों के निःशुल्क प्रवेश की प्रक्रिया
प्रवेश हेतु आवंटित विद्यालयों की सूचना अभिभावकों के मोबाइल नंबर पर मैसेज के माध्यम से राज्य शिक्षा केंद्र द्वारा भेजी जायेगी तथा स्कूलों की आईडी में भी चयनित विद्यार्थियों की सूची प्रदर्शित होगी। श्री शर्मा ने बताया कि चयनित विद्यार्थी का आवंटन पत्र निकालकर अभिभावक 3 अप्रैल से 15 अप्रैल तक आवंटित विद्यालयों में संपर्क करेंगे तथा विद्यालय ऑनलाइन एप के माध्यम से उनकी रिपोर्टिंग दर्ज करेंगे।अशासकीय विद्यालय द्वारा चयनित विद्यार्थी को किसी भी स्थिति में प्रवेश देने से वंचित नहीं किया जाएगा।

जबलपुर /शिक्षा के अधिकार अधिनियम अंतर्गत अशासकीय विद्यालयों में निःशुल्क प्रवेश हेतु प्रवेश प्रक्रिया 13 मार्च से प्रारंभ होगी। इसके अंतर्गत अशासकीय विद्यालयों की प्रथम प्रवेशित कक्षा नर्सरी, केजी-वन, केजी-टू एवं कक्षा पहली में प्रवेश हेतु पात्र अभिभावक आरटीई पोर्टल पर 13 मार्च से 28 मार्च तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
राज्य शिक्षा केन्द्र के जिला परियोजना समन्वयक योगेश शर्मा से प्राप्त जानकारी के अनुसार ऑनलाइन भरे गये आवेदन का सत्यापन संबंधित जन शिक्षा केंद्र पर 14 मार्च से 30 मार्च तक किया जाएगा।
इसके पश्चात राज्य शिक्षा केंद्र भोपाल द्वारा राज्य स्तर पर 2 अप्रैल को रेंडम आधार पर ऑनलाइन लॉटरी के माध्यम से छात्र-छात्राओं का चयन किया जायेगा। जिला परियोजना समन्वयक ने बताया कि पात्र चयनित विद्यार्थियों को अशासकीय विद्यालयों द्वारा 3 अप्रैल से 15 अप्रैल तक प्रवेश देना होगा।
अभिभावक निःशुल्क प्रवेश हेतु स्वेच्छा अनुसार प्राथमिकता क्रम में अपनी बसाहट के नजदीक की शालाओं का चयन कर ऑनलाइन फॉर्म भर सकेंगे।
जिला परियोजना समन्वयक के मुताबिक जबलपुर जिले में लगभग 600 गैर अनुदान प्राप्त अशासकीय विद्यालयों में प्रवेश के लिये आवेदन किया जा सकेगा।
प्रवेश हेतु आवंटित विद्यालयों की सूचना अभिभावकों के मोबाइल नंबर पर मैसेज के माध्यम से राज्य शिक्षा केंद्र द्वारा भेजी जायेगी तथा स्कूलों की आईडी में भी चयनित विद्यार्थियों की सूची प्रदर्शित होगी। श्री शर्मा ने बताया कि चयनित विद्यार्थी का आवंटन पत्र निकालकर अभिभावक 3 अप्रैल से 15 अप्रैल तक आवंटित विद्यालयों में संपर्क करेंगे तथा विद्यालय ऑनलाइन एप के माध्यम से उनकी रिपोर्टिंग दर्ज करेंगे।अशासकीय विद्यालय द्वारा चयनित विद्यार्थी को किसी भी स्थिति में प्रवेश देने से वंचित नहीं किया जाएगा।




