प्रयागराज माघ मेले में शंकराचार्य का अपमान, साधु-संतों व बटुकों की चोटी खींचे जाने के विरोध में बेलतरा में सुंदरकांड का आयोजन

बिलासपुर । प्रयागराज माघ मेले के दौरान शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को संगम स्नान से रोके जाने, साधु-संतों के साथ मारपीट, बटुकों की चोटी खींचे जाने तथा द्वेषपूर्ण भावना से प्रेरित पुलिसिया कार्रवाई की कांग्रेस पार्टी कड़े शब्दों में निंदा करती है। यह घटना भाजपा सरकार के इशारे पर की गई दमनकारी कार्रवाई को दर्शाती है, जो सनातन परंपराओं, धार्मिक आस्थाओं और लोकतांत्रिक मूल्यों पर सीधा प्रहार है।
इसी क्रम में शनिवार को बेलतरा विधानसभा क्षेत्र के चिंगराजपारा स्थित शंकर मंदिर में कांग्रेस नेता एवं पूर्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष विजय केशरवानी के नेतृत्व में सुंदरकांड का आयोजन किया गया। इस धार्मिक आयोजन के माध्यम से भाजपा सरकार के अहंकार, द्वेष और सत्ता के दुरुपयोग के खिलाफ शांतिपूर्ण विरोध दर्ज कराया गया तथा सरकार को सद्बुद्धि देने की प्रार्थना की गई।
इस अवसर पर विजय केशरवानी ने कहा कि प्रयागराज जैसे पवित्र तीर्थस्थल पर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को संगम स्नान से रोकना, साधु-संतों के साथ मारपीट करना और बटुकों की चोटी खींचना अत्यंत निंदनीय और शर्मनाक कृत्य है। यह घटना भाजपा सरकार की तानाशाही सोच और धार्मिक असहिष्णुता को उजागर करती है।
उन्होंने कहा कि संत समाज भारत की आत्मा है और उसके सम्मान से ही सनातन संस्कृति की मर्यादा जुड़ी हुई है। सत्ता के अहंकार में डूबी सरकार द्वारा संत समाज का अपमान पूरे देश की धार्मिक भावनाओं को आहत करता है, जिसे कांग्रेस पार्टी कभी स्वीकार नहीं करेगी।
हम मांग करते हैं कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, दोषी पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई हो , भाजपा सरकार साधु संतों और शंकराचार्य से माफ़ी मांगे तथा भविष्य में किसी भी धार्मिक आयोजन में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।





