School Education: अब मिडिल स्कूलों में युक्तियुक्तकरण होगा विषय के अनुसार, स्कूल शिक्षा विभाग ने कलेक्टर्स को भेजा निर्देश

School education।नए शिक्षा सत्र से पहले प्रदेश के स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति और समायोजन को लेकर बड़ा बदलाव होने जा रहा है।
स्कूल शिक्षा विभाग ने इस बार युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया को लेकर स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं, जिसके तहत अब शिक्षकों की पोस्टिंग स्कूल के सेटअप और विषयवार आवश्यकताओं के अनुसार की जाएगी।
विभाग के अवर सचिव ने इस संबंध में प्रदेशभर के कलेक्टर्स और जिला शिक्षा अधिकारियों (D.E.O) को पत्र भेजकर सभी तय मापदंडों का पालन करने के निर्देश दिए हैं।
स्कूल शिक्षा विभाग ने यह स्पष्ट किया है कि पूर्व माध्यमिक (मिडिल) स्कूलों में अब सिर्फ शिक्षकों की संख्या नहीं, बल्कि विषयगत आवश्यकता को प्राथमिकता दी जाएगी।
यानी यदि किसी स्कूल में पहले से ही विज्ञान या गणित के शिक्षक कार्यरत हैं, तो वहां दोबारा उन्हीं विषयों के शिक्षक नहीं भेजे जाएंगे। इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सभी विषयों के लिए संतुलित रूप से शिक्षक उपलब्ध हों और छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके।
अवर सचिव के अनुसार, अब तक मिडिल स्कूलों में विषय के अनुसार शिक्षकों का चिन्हांकन नहीं किया गया था, जिससे कई जगह एक ही विषय के शिक्षक अधिक संख्या में हो जाते थे और दूसरे विषयों की अनदेखी होती थी। इस कारण से कई शिक्षक ‘अतिशेष’ की श्रेणी में आ जाते थे। लेकिन अब इस नई व्यवस्था के तहत हर स्कूल में आवश्यकतानुसार विषयवार शिक्षकों का समायोजन किया जाएगा।
विभाग ने 2 अगस्त 2024 को जारी अपने पत्र का हवाला देते हुए निर्देश दिया है कि युक्तियुक्तकरण के दौरान यह तय करना अनिवार्य है कि कौन शिक्षक ‘अतिशेष’ की श्रेणी में आता है।
इस गणना के लिए शिक्षा के अधिकार अधिनियम (RTE) की अनुसूची में दर्ज छात्र-शिक्षक अनुपात का पालन करना होगा। पत्र के अनुसार, पैरा सात में दिए गए मापदंडों और दिशानिर्देशों का गहन अध्ययन कर, उनका सख्ती से पालन करने की भी बात कही गई है।
यह नई प्रक्रिया केवल संख्या संतुलन तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य स्कूलों में विषय विशेषज्ञता के आधार पर अध्यापन की गुणवत्ता बढ़ाना है। अवर सचिव ने यह भी स्पष्ट किया है कि विषयवार युक्तियुक्तकरण का उद्देश्य किसी प्रकार की जटिलता नहीं, बल्कि सुगम, सुनियोजित और परिणाममुखी शिक्षा व्यवस्था को सुनिश्चित करना है।