Bilaspur

यूरिया का भौतिक स्टॉक शून्य, कृषि विभाग का छापा, 7 विक्रेताओं पर गिरी गाज

बिलासपुर…किसानों को गुणवत्तापूर्ण और शासन द्वारा निर्धारित दर पर उर्वरक उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कृषि विभाग बिलासपुर की टीम ने जिले भर में उर्वरक विक्रय केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। यह कार्रवाई कलेक्टर बिलासपुर के निर्देश और उपसंचालक कृषि के मार्गदर्शन में की गई।

इस दौरान विभागीय दलों ने सभी विकासखंडों में अलग-अलग टीम बनाकर उर्वरक दुकानों की स्टॉक, बिलिंग और लाइसेंस से संबंधित दस्तावेजों की जांच की। निरीक्षण में अधिकांश निजी केंद्रों पर यूरिया का भौतिक स्टॉक शून्य पाया।

किसानों के हित में सख्ती

कृषि विभाग का कहना है कि यह अभियान किसानों को समय पर उचित दर पर गुणवत्तापूर्ण उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए चलाया गया है। निरीक्षण के दौरान कई केंद्रों में अनियमितताएं पाई गईं। स्टॉक पंजी निर्धारित प्रारूप में संधारित नहीं होना पाया गया। विक्रय केंद्रों पर मूल्य सूची और स्टॉक सूची प्रदर्शित नहीं था।बिलिंग निर्धारित प्रारूप में नहीं की जा रही। लाइसेंस को दुकान में स्पष्ट रूप से प्रदर्शित नहीं किया गया। पोर्टल पर स्टॉक दिखाया गया, लेकिन भौतिक स्टॉक अनुपस्थित।

नोटिस जारी कर मांगा जवाब

कृषि विभाग ने अनियमितताओं को गंभीर मानते हुए 7 केंद्रों को नोटिस जारी कर 7 दिन में जवाब देने के निर्देश दिए हैं। इनमें पिंटू कृषि केंद्र, सेलर, साहू खाद भंडार, सेलर, विनोद जायसवाल, बेलतरा, लीलागर महिला फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड, चिल्हाटी रामफल खाद विक्रय केंद्र, मल्हार, महामाया कृषि केंद्र, रानीगांव, शिवाय फर्टिलाइजर्स, रतनपुर प्रमुख है।

निरीक्षण में शामिल प्रमुख केंद्र

टीम ने  खमतराई, बेलसरी, सलखा, ऊर्तुम, भरारी, जरौंधा, जोरापारा सहित कुल 16 उर्वरक विक्रय केंद्रों की जांच की । इनमें राधे कृष्णा किसान सेवा केंद्र बेलसरी को छोड़कर सभी निजी विक्रय केंद्रों में अनियमितताएं पाई गईं।

अभियान आगे भी जारी रहेगा

कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और किसानों को सही दर पर गुणवत्तापूर्ण उर्वरक उपलब्ध कराने में कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी। अनियमितताओं पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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