6 अप्रैल को कई गांवों में शिविर—नामांतरण से सीमांकन तक मौके पर समाधान, तीन चरणों में चलेगा अभियान
राजस्व पखवाड़ा ग्राउंड पर: गांव-गांव कैंप, लंबित मामलों के निपटारे की मुहिम तेज

बिलासपुर… जिले में लंबित राजस्व प्रकरणों के त्वरित निराकरण के लिए प्रशासन ने गांव स्तर पर सीधी पहुंच बनाई है। 1 से 15 अप्रैल तक चल रहे राजस्व पखवाड़ा के पहले चरण में अधिकारियों की टीमें शिविर लगाकर मौके पर ही समस्याओं का समाधान कर रही हैं।
6 अप्रैल: एक साथ कई गांवों में शिविर
अभियान के तहत 6 अप्रैल को बिलासपुर तहसील के मटियारी, तालपारा, जूना बिलासपुर और बिरकोना में शिविर लगाए जाएंगे। बेलतरा तहसील के उच्चभट्ठी, मंजूरपहरी और मस्तुरी के कोसमडीह में भी राजस्व अमला मौजूद रहेगा।
सीपत तहसील के गुड़ी, खैरवारपारा, ढरकपुर, भरूवाडीह, हिण्डाडीह, हरदाडीह, खाड़ा और कैमाडीह सहित कई गांवों को शिविर सूची में शामिल किया गया है।
पचपेड़ी से तखतपुर तक कवरेज
पचपेड़ी तहसील के मानिकचौरी, सुकुलकारी, लोहर्सी और तखतपुर तहसील के बीजा, राजपुर, सोनबंधा, बेलपान में भी शिविर आयोजित होंगे।
सकरी क्षेत्र के छतौना, बोडसरा, पाली, अमसेना, बेलमुण्डी, सकर्रा, उड़ेला, सरसेनी, कोपरा, सिंघरी, समलपुरी, बहतराई और दबेना में भी टीम पहुंचेगी।
अन्य क्षेत्रों में भी समाधान शिविर
बिल्हा तहसील के ऐठुलकांपा, भैसबोड़, बिल्हा, बिटकुली, उमरिया और मुरकुटा में शिविर लगेंगे। बोदरी के चकरभाठा, कोटा के परसदा, कोरी डुबान, दवनपुर, मानपुर, बेलगहना के बिटकुली और रतनपुर के चपोरा व जाली में भी राजस्व प्रकरणों का निराकरण किया जाएगा।
किस समस्याओं का होगा समाधान
शिविरों में अविवादित नामांतरण, खाता विभाजन, सीमांकन, नक्शा बंटांकन, व्यपवर्तन और वृक्ष कटाई से जुड़े समय-सीमा से बाहर मामलों का शत-प्रतिशत निराकरण किया जाएगा।
साथ ही फौती नामांतरण, बंटवारा और अभिलेख त्रुटि सुधार के मामलों का ऑनलाइन पंजीयन, नोटिस और सुनवाई भी मौके पर ही होगी।
तीन चरणों में चलेगा अभियान
राजस्व पखवाड़ा तीन चरणों में आयोजित हो रहा है—
पहला चरण: 1 अप्रैल से 15 अप्रैल, दूसरा चरण: 4 मई से 18 मई, तीसरा चरण: 1 जून से 15 जून
प्रशासन की अपील
कलेक्टर ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में शिविर में पहुंचकर अपनी समस्याओं का समाधान कराएं। प्रशासन का फोकस स्पष्ट है—फाइल नहीं, अब समाधान गांव के दरवाजे तक।





