ई-अटेंडेंस को लेकर नया विवाद, DEO का फरमान—“जितने दिन की ई-अटेंडेंस, उतने दिन का वेतन” शिक्षकों में रोष

ग्वालियर।मध्य प्रदेश में ई-अटेंडेंस को लेकर जारी विवाद के बीच ग्वालियर जिला शिक्षा अधिकारी का एक नया आदेश शिक्षकों में भारी नाराजगी का कारण बन गया है।
DEO ने निर्देश जारी किया है कि नवंबर माह का वेतन केवल उन दिनों का दिया जाएगा, जिन दिनों कर्मचारियों ने ‘हमारे शिक्षक’ एप पर ई-अटेंडेंस लगाई है। यह आदेश जिले के सभी BEO से लेकर भृत्य तक के पूरे स्टाफ पर लागू होगा।
इस फैसले के बाद जिले के शिक्षक और विभागीय कर्मचारी इसे अनुचित और जल्दबाजी भरा बताते हुए विरोध जता रहे हैं।
प्रदेश के 27 शिक्षकों द्वारा जबलपुर हाई कोर्ट में जनहित याचिका लगाई गई है, जिसमें ‘हमारे शिक्षक’ एप की सुरक्षा और विश्वसनीयता पर सवाल उठाए गए हैं।
शुक्रवार को हुई सुनवाई में याचिकाकर्ताओं ने संशोधन आवेदन दाखिल कर बताया— एप सुरक्षित नहीं है और डेटा लीक की आशंका बनी रहती है। एप डाउनलोड करने के बाद कई शिक्षकों के खाते से पैसे चोरी हुए हैं।
साइबर फ्रॉड के मामले सामने आ चुके हैं।
कोर्ट ने आरोपों को गंभीर मानते हुए राज्य सरकार से दो दिन में जवाब तलब किया है। मामले की अगली सुनवाई 1 दिसंबर को होगी।
याचिका में बताया गया है कि अब तक 5–6 शिक्षकों के बैंक खातों से पैसे निकाले जा चुके हैं, जबकि उनकी निजी जानकारी भी लीक हुई है। कई जिलों के अधिकारियों ने भी इस संबंध में पत्र भेजे हैं।
डीपीआई ने स्वीकार किया कि कुछ शिक्षकों के साथ साइबर धोखाधड़ी हुई है और इस पर सतर्क रहने के निर्देश जारी किए गए हैं।
राज्य सरकार ने कोर्ट में अपना जवाब प्रस्तुत करते हुए कहा है—पहले भी ई-अटेंडेंस को सही ठहराया गया है। एप का डेटा सेफ्टी सर्टिफिकेट प्राप्त किया जा चुका है।डेटा चोरी या नेटवर्क समस्या जैसी दिक्कतें नहीं हैं।
इसी बीच हाई कोर्ट में मामला विचाराधीन होने के बावजूद ग्वालियर DEO का आदेश विवाद बढ़ा रहा है।
निर्देश के अनुसार—“जिस कर्मचारी की जितनी दिन ई-अटेंडेंस दर्ज होगी, उसे नवंबर माह में उतने ही दिन का वेतन दिया जाएगा।”
इस निर्णय के बाद जिले के शिक्षकों और कर्मचारियों में गहरा असंतोष है। उनका कहना है कि जब मामला अदालत में लंबित है, तब इस तरह का आदेश जारी करना अनुचित है।
कर्मचारियों की मांग है कि अदालत के अंतिम निर्णय तक इस आदेश को रोका जाए, ताकि किसी भी प्रकार की आर्थिक हानि न हो।




