neet student death case- नीट छात्रा मौत मामला में फॉरेंसिक रिपोर्ट में कपड़ों पर वीर्य के अंश मिले, दो पुलिस अधिकारी निलंबित

neet student death case/पटना/ पटना में राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) की तैयारी कर रही छात्रा की मौत के मामले की जांच कर रही पुलिस ने रविवार को कहा कि छात्रा के कपड़ों की फॉरेंसिक जांच में वीर्य के अंश पाए गए हैं, जो उसके यौन उत्पीड़न का संकेत देते हैं।अधिकारियों ने बताया कि पुलिस फॉरेंसिक रिपोर्ट में पाए गए वीर्य के अंशों से ‘डीएनए प्रोफाइल’ प्राप्त करेगी।इस मामले में एक और घटनाक्रम में पटना पुलिस ने शनिवार देर रात कदमकुआं पुलिस थाने के अतिरिक्त प्रभारी अधिकारी हेमंत झा और चित्रगुप्त नगर पुलिस थाने की प्रभारी एवं सब-इंस्पेक्टर रोशनी कुमारी को मामले में कर्तव्य की उपेक्षा के आरोप में निलंबित कर दिया।
neet student death case/जहानाबाद की रहने वाली 18 वर्षीय छात्रा मेडिकल प्रवेश परीक्षा ‘नीट’ की तैयारी कर रही थी और इस महीने की शुरुआत में चित्रगुप्त नगर स्थित शंभू गर्ल्स हॉस्टल के एक कमरे में अचेत अवस्था में पायी गयी थी।
वह परीक्षा की तैयारी के लिए निजी हॉस्टल में रह रही थी। कई दिनों तक कोमा में रहने के बाद 11 जनवरी को एक निजी अस्पताल में उसकी मौत हो गई। उसके परिवार ने यौन उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए कहा था कि अधिकारी मामले को दबा रहे हैं। एक विशेष जांच दल (एसआईटी) इस मामले की जांच कर रहा है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) कार्यालय द्वारा जारी एक बयान में कहा गया, ‘‘छात्रा के उन कपड़ों की फॉरेंसिक रिपोर्ट में वीर्य के अंश पाए गए हैं, जो उसने अस्पताल में भर्ती होने के समय पहने थे। ये कपड़े छात्रा के परिवार वालों ने 10 जनवरी को उपलब्ध कराए थे और पुलिस ने इन्हें फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा था। अब मामले की जांच कर रही एसआईटी वैज्ञानिक रिपोर्ट में पाए गए वीर्य से ‘डीएनए प्रोफाइल’ प्राप्त करेगी। इसका मिलान गिरफ्तार आरोपियों और संदिग्धों के डीएनए प्रोफाइल से किया जाएगा।’’
छात्रा की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उसके गुप्तांगों पर चोट के निशान और शरीर पर नाखूनों से खरोंच के निशान पाए गए थे।
उसकी मौत के बाद पटना में व्यापक विरोध प्रदर्शन हुए, जिसके बाद पुलिस ने हॉस्टल के मालिक को गिरफ्तार कर लिया। चिकित्सकों की प्रारंभिक जांच में यह निष्कर्ष निकला कि उसकी मौत नींद की गोलियों के अत्यधिक सेवन के कारण हुई और वह टाइफाइड से भी पीड़ित थी।
हालांकि, छात्रा की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह निष्कर्ष भी निकाला गया कि घटना के पीछे ‘यौन हिंसा की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है।’
neet student death case/छात्रा के परिवार ने शुरू में मारपीट और यौन शोषण का आरोप लगाया था, लेकिन पुलिस ने कहा था कि मेडिकल रिपोर्ट और सीसीटीवी फुटेज से यह बात खारिज हो जाती है।पटना पुलिस ने 13 जनवरी को जारी एक बयान में दावा किया था, ‘‘चिकित्सकों को यौन उत्पीड़न के कोई संकेत नहीं मिले और उन्होंने कहा कि उसने (छात्रा ने) बड़ी मात्रा में नींद की गोलियां खाई थीं और वह टाइफाइड से पीड़ित थी।’’
पटना स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के पांच सदस्यीय मेडिकल बोर्ड ने शनिवार को कहा था कि मामले की जांच कर रही एसआईटी ने ‘‘अभी तक उसे सभी महत्वपूर्ण दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए हैं।’’बोर्ड ने संबंधित पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य परिस्थितियों की समीक्षा करने के बाद यह बात कही।




