जनदर्शन में खुली आमजन की परतदार पीड़ा: कहीं मुआवजा अटका, कहीं पेंशन बंद
कहीं मुआवजा अटका, कहीं पेंशन बंद; अवैध उत्खनन और भ्रष्टाचार की शिकायतों पर जांच के निर्देश

बिलासपुर ..कलेक्ट्रेट में आयोजित साप्ताहिक जनदर्शन में मंगलवार को अलग-अलग गांवों और मोहल्लों से पहुँचे लोगों ने अपनी समस्याएं सीधे प्रशासन के सामने रखीं। कहीं दो साल से जमीन के मुआवजे का इंतजार था, कहीं नदी में अवैध रेत उत्खनन से खतरे की शिकायत, तो कहीं पेंशन बंद होने और छोटे कामों के बदले पैसे मांगने के आरोप। इन शिकायतों को सुनते हुए संजय अग्रवाल, कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को जांच कर समयसीमा में समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बेलगहना तहसील के ग्राम केंदाडांड से आए गेंददास ने बताया कि नहर निर्माण के लिए उनकी जमीन का अधिग्रहण दो वर्ष पहले हो चुका है, लेकिन अब तक मुआवजा नहीं मिला। आवेदन सुनने के बाद कलेक्टर ने एसडीएम कोटा को प्रकरण की जांच कर तत्काल भुगतान सुनिश्चित करने को कहा।
जनपद पंचायत बिल्हा के सरवनदेवी गांव की सरपंच ने नदी में अवैध रेत उत्खनन की शिकायत रखते हुए कहा कि उत्खनन से नदी में गहरे गड्ढे बन गए हैं और यह ग्रामीणों के लिए खतरा बन रहा है। मामले को गंभीर मानते हुए कलेक्टर ने उप संचालक खनिज प्रशासन को जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए।
शहर के वार्ड क्रमांक 56 निवासी शिवनाथ मिश्रा ने दो महीने से निराश्रित पेंशन नहीं मिलने की शिकायत की। इस पर कलेक्टर ने नगर निगम आयुक्त को तत्काल कार्रवाई कर भुगतान सुनिश्चित करने को कहा।
जनदर्शन में प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़ी शिकायतें भी सामने आईं। बिल्हा तहसील के ग्राम खैरखुंडी की सरपंच ने पटवारी रामफल वस्त्रकार पर नशे की हालत में रहने और छोटे-छोटे राजस्व कार्यों के लिए पैसे मांगने का आरोप लगाया। संजय अग्रवाल, कलेक्टर ने एसडीएम बिलासपुर को मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। इसी तरह मस्तूरी जनपद पंचायत के ग्राम भनेसर में कार्यरत रोजगार सहायक के खिलाफ फर्जी हाजिरी लगाने और आवास योजना के नाम पर ग्रामीणों से राशि लेने की शिकायत मिली, जिस पर संबंधित जनपद पंचायत सीईओ को जांच के निर्देश दिए गए।
जूना बिलासपुर की जाम बाई पटनवार ने पांच वर्षों से लंबित सीमांकन की समस्या रखी। कलेक्टर ने एसडीओ बिलासपुर को प्रकरण का निराकरण कराने के निर्देश दिए। तखतपुर विकासखंड के चिचिंरदा गांव से आए ग्रामीणों ने आनंदी बिल्डर पर शासकीय भूमि पर कब्जा करने का आरोप लगाया, जिस पर एसडीएम तखतपुर को जांच कर कार्रवाई के लिए कहा गया।
वन अधिकार से जुड़े मामले में बेलगहना तहसील के ग्राम कौनचरा निवासी नारायण पटेल ने बताया कि उनका परिवार छह-सात दशक से जमीन पर काबिज है, लेकिन अब तक वन अधिकार पट्टा नहीं मिला। कलेक्टर ने इस मामले को वन विभाग को भेजते हुए डीएफओ से जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा।
जनदर्शन में सामाजिक सुरक्षा से जुड़े कई आवेदन भी आए। बंधवापारा की कुमारी साहू ने प्रधानमंत्री आवास योजना की मासिक किस्त कम करने का अनुरोध किया। वहीं सीपत तहसील के दर्राभाटा गांव की कौशल्या बाई ने बंद पड़ी निराश्रित पेंशन शुरू कराने के लिए आवेदन दिया। सिलपहरी की पार्वती केवट ने अपने तीन दिव्यांग बच्चों के लिए पेंशन, निराश्रित चावल और बैटरी चालित मोटरसाइकिल उपलब्ध कराने की मांग रखी। इन मामलों को समाज कल्याण विभाग और नगर निगम को भेजते हुए आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
इसी दौरान बिल्हा तहसील के सिलपहरी गांव की महिला समूह ने पीडीएस भवन स्वीकृत करने की मांग रखी, जिस पर खाद्य नियंत्रक को प्रस्ताव तैयार कर भेजने के लिए कहा गया।
जनदर्शन में आए आवेदनों को संबंधित विभागों को सौंपते हुए संजय अग्रवाल, कलेक्टर ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शिकायतों का निराकरण समयसीमा में किया जाए। कलेक्ट्रेट के इस साप्ताहिक मंच पर उस दिन अलग-अलग गांवों और बस्तियों से आई छोटी-बड़ी परेशानियां एक साथ सामने आईं—कहीं मुआवजे का इंतजार, कहीं पेंशन का सहारा, तो कहीं व्यवस्था पर सवाल। जनदर्शन में इन्हीं आवाजों को सुनकर प्रशासनिक कार्रवाई की दिशा तय होती रही।





