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राजनीति में भी झुकते हैं सिर: छत्तीसगढ़ भवन में दिखा भूला अध्याय, जब जीत से ऊपर रही विनम्रता

जब जीत नहीं, विनम्रता चुनी गई—छत्तीसगढ़ भवन में दुर्लभ दृश्य

बिलासपुर…राजनीति को अक्सर आरोप-प्रत्यारोप, कटु बयानबाजी और व्यक्तिगत हमलों के चश्मे से देखा जाता है, लेकिन बिलासपुर से सामने आई यह तस्वीर उन धारणाओं को चुनौती देती है। सत्ता और विपक्ष की सीमाओं से ऊपर उठकर दिखाई गई शिष्टाचार और संस्कार की यह मिसाल इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है।

छत्तीसगढ़ के पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल और बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला ने पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव के प्रति जिस विनम्रता और सम्मान का परिचय दिया, उसने राजनीति में मूल्यों की एक अलग ही तस्वीर पेश कर दी।

चुनाव में प्रतिद्वंद्वी, व्यवहार में शालीनता

दिलचस्प तथ्य यह है कि वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में अंबिकापुर की हाई-प्रोफाइल सीट पर राजेश अग्रवाल और टीएस सिंहदेव आमने-सामने थे। चुनावी मुकाबले में अग्रवाल ने सिंहदेव को पराजित कर पहली बार विधानसभा में प्रवेश किया और बाद में मंत्री बने। इसके बावजूद जब अग्रवाल की सिंहदेव से मुलाकात हुई, तो उन्होंने राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता को पीछे छोड़ते हुए हाथ जोड़कर उनका सम्मानपूर्वक अभिवादन किया और चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लिया।

सुशांत शुक्ला ने भी निभाया राजनीतिक संस्कार

इसी दौरान बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला ने भी सार्वजनिक रूप से टीएस सिंहदेव के पैर छूकर सम्मान जताया। यह दृश्य यह बताने के लिए काफी था कि सत्ता बदल सकती है, लेकिन संस्कार और परंपराएं राजनीति से ऊपर होती हैं।

छत्तीसगढ़ भवन में हुई मुलाकात

जानकारी के अनुसार, मंत्री राजेश अग्रवाल और पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव छत्तीसगढ़ भवन में अगल-बगल के कमरों में ठहरे हुए थे। मंत्री को जब पता चला कि सिंहदेव कांग्रेस नेताओं के साथ पास के कमरे में मौजूद हैं, तो वे शिष्टाचारवश उनसे मिलने पहुंचे।

दोनों नेताओं के बीच सौहार्दपूर्ण बातचीत हुई, एक-दूसरे का कुशलक्षेम पूछा गया और इसके बाद मंत्री अग्रवाल अपने निर्धारित कार्यक्रम के लिए रवाना हो गए।

वीडियो में कैद हुआ राजनीति का सधा चेहरा

 पूरे घटनाक्रम का वीडियो अब सोशल मीडिया पर सामने आ चुका है, जिसमें राजनीति का एक दुर्लभ और सकारात्मक पक्ष साफ नजर आता है। वीडियो में दिख रही विनम्रता और परंपरागत सम्मान ने लोगों को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि राजनीति सिर्फ संघर्ष नहीं, संस्कार का मंच भी हो सकती है।

राजनीति में यह तस्वीर क्यों खास है

आज जब राजनीतिक बयानबाजी अक्सर व्यक्तिगत हमलों तक सीमित हो जाती है, ऐसे में यह दृश्य एक अलग संदेश देता है—विचारधाराएं अलग हो सकती हैं, लेकिन सम्मान साझा होता है।

Bhaskar Mishra

पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग 16 साल का अनुभव।विभिन्न माध्यमों से पत्रकारिता के क्षेत्र मे काम करने का अवसर मिला।यह प्रयोग अब भी जारी है।कॉलेज लाइफ के दौरान से पत्रकारिता से गहरा जुड़ाव हुआ।इसी दौरान दैनिक समय से जुडने का अवसर मिला।कहानी,कविता में विशेष दिलचस्पी ने पहले तो अधकचरा पत्रकार बनाया बाद में प्रदेश के वरिष्ठ और प्रणम्य लोगों के मार्गदर्शन में संपूर्ण पत्रकारिता की शिक्षा मिली। बिलासपुर में डिग्री लेने के दौरान दैनिक भास्कर से जु़ड़ा।2005-08 मे दैनिक हरिभूमि में उप संपादकीय कार्य किया।टूडे न्यूज,देशबन्धु और नवभारत के लिए रिपोर्टिंग की।2008- 11 के बीच ईटीवी हैदराबाद में संपादकीय कार्य को अंजाम दिया।भाग दौड़ के दौरान अन्य चैनलों से भी जुडने का अवसर मिला।2011-13 मे बिलासपुर के स्थानीय चैनल ग्रैण्ड न्यूज में संपादन का कार्य किया।2013 से 15 तक राष्ट्रीय न्यूज एक्सप्रेस चैनल में बिलासपुर संभाग व्यूरो चीफ के जिम्मेदारियों को निभाया। 1998-2000 के बीच आकाशवाणी में एनाउँसर-कम-कम्पियर का काम किया।वर्तमान में www.cgwall.com वेबपोर्टल में संपादकीय कार्य कर रहा हूं।
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