बांकीपुर के विजेता से राष्ट्रीय जिम्मेदारी तक: Nitin Nabin की सियासी यात्रा और बड़ी जीतों की कहानी
2020 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने नितिन नबीन के सामने लव सिन्हा को बांकीपुर सीट से उम्मीदवार बनाया था।

Nitin Nabin/भारतीय जनता पार्टी ने नितिन नबीन को राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाकर संगठन में उनकी अहम भूमिका पर एक बार फिर भरोसा जताया है।
पटना की बांकीपुर विधानसभा सीट से चार बार चुनाव जीत चुके nitin Nabin की पहचान एक मजबूत जमीनी नेता के तौर पर रही है। उनकी राजनीतिक यात्रा में कई ऐसे मोड़ रहे हैं, जिन्होंने उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में ला दिया।
Nitin Nabin के राजनीतिक करियर का सबसे चर्चित अध्याय 2020 का विधानसभा चुनाव रहा, जब उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार लव सिन्हा को बड़े अंतर से शिकस्त दी।
लव सिन्हा, जो मशहूर अभिनेता और टीएमसी सांसद शत्रुघ्न सिन्हा के बेटे और अभिनेत्री सोनाक्षी सिन्हा के भाई हैं, उस चुनाव में नितिन नबीन के सामने टिक नहीं पाए। नितिन नबीन ने उन्हें 39,036 वोटों से हराया था।
कांग्रेस ने इस सीट पर लव सिन्हा को उतारा था, हालांकि यह मुकाबला पहले से ही कठिन माना जा रहा था क्योंकि बांकीपुर को भाजपा का मजबूत गढ़ माना जाता है।
लव सिन्हा फिल्मों ‘सदियां’ और ‘पलटन’ में काम कर चुके हैं और उन्होंने यह भी कहा था कि उन्हें टिकट पारिवारिक पहचान के कारण नहीं मिला।
बांकीपुर सीट का राजनीतिक इतिहास भी खासा दिलचस्प है। यह सीट पटना साहिब लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आती है और लंबे समय से भाजपा का प्रभाव क्षेत्र रही है।
2009 और 2014 के लोकसभा चुनावों में इसी क्षेत्र से शत्रुघ्न सिन्हा सांसद चुने गए थे, हालांकि बाद में भाजपा से उनके रिश्ते खराब हुए और वे तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो गए।
2019 में उन्होंने कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा, लेकिन भाजपा उम्मीदवार से हार का सामना करना पड़ा।
श्री नितिन नबीन जी ने एक कर्मठ कार्यकर्ता के रूप में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। वे एक युवा और परिश्रमी नेता हैं, जिनके पास संगठन का अच्छा-खासा अनुभव है। बिहार में विधायक और मंत्री के रूप में उनका कार्य बहुत प्रभावी रहा है, साथ ही जनआकांक्षाओं को पूरा करने के लिए उन्होंने पूरे…
— Narendra Modi (@narendramodi) December 14, 2025
नितिन नबीन की राजनीतिक विरासत भी मजबूत रही है। उनसे पहले उनके पिता नवीन किशोर प्रसाद सिन्हा भी बांकीपुर विधानसभा सीट से विधायक रह चुके हैं। संगठन और क्षेत्र दोनों स्तरों पर पकड़ रखने वाले नितिन नबीन ने समय के साथ खुद को एक कुशल रणनीतिकार के रूप में स्थापित किया।
इसका सबसे बड़ा उदाहरण साल 2023 में देखने को मिला, जब भारतीय जनता पार्टी ने उन्हें छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव का प्रभारी बनाया। नितिन नबीन की अगुवाई में बनाई गई चुनावी रणनीति ने बड़ा असर दिखाया और राज्य में भूपेश बघेल की सरकार सत्ता से बाहर हो गई। इस जीत ने पार्टी के भीतर नितिन नबीन की साख को और मजबूत किया।
नितिन नबीन का जन्म मई 1980 में रांची, झारखंड में हुआ.चुनाव आयोग को चुनावी हलफनामे के ज़रिए दी गई जानकारी के अनुसार नितिन नबीन के पिता का नाम नवीन किशोर प्रसाद सिन्हा है और वो टेलर रोड, पटना के निवासी हैं.
इसके अनुसार उन्होंने खुद को सामाजिक कार्यकर्ता बताया है.चुनावी हलफनामे के अनुसार उन्हें किसी आपराधिक मामले में दोषी साबित नहीं किया गया है.नितिन नबीन ने साल1996 में पटना के सेंट माइकल हाई स्कूल से मैट्रिक और 1998 में दिल्ली के सीएसकेएम पब्लिक स्कूल से इंटर की पढ़ाई पूरी की है.





