रिटायरमेंट के बाद भी जिम्मेदारी: पूर्व पुलिसकर्मी देंगे सेवाएं.. SSP ने बताया पुलिसिंग को मिलेगी ताकत
सियान चेतना में अनुभव की एंट्री: पूर्व पुलिसकर्मी भी देंगे सेवाएं, सिस्टम को मिलेगा सहारा

बिलासपुर…पुलिसिंग को सिर्फ वर्दी तक सीमित रखने की बजाय अनुभव से जोड़ने की दिशा में बिलासपुर में एक नया प्रयोग शुरू हुआ है। ‘चेतना अभियान’ के तहत अब रिटायर्ड पुलिस अधिकारी और कर्मचारी भी सक्रिय भूमिका निभाएंगे। इसे सियान चेतना नाम दिया गया है, जहां वर्षों का अनुभव अब सीधे समाज और पुलिस के बीच काम करेगा।
पुलिस मैदान स्थित बिलासा गुड्डी में हुई बैठक में इस पहल की रूपरेखा तय की गई। बड़ी संख्या में सेवानिवृत्त पुलिसकर्मी और वर्तमान अधिकारी मौजूद रहे। चर्चा का फोकस साफ था—अपराध रोकथाम सिर्फ कार्रवाई से नहीं, बल्कि जागरूकता और स्थानीय स्तर पर भरोसे से भी तय होती है।
इस व्यवस्था में रिटायर्ड पुलिसकर्मियों को कोई औपचारिक पद नहीं, बल्कि जिम्मेदारी दी गई है। वे अपने-अपने क्षेत्रों में रहकर सूचना साझा करेंगे, छोटे विवादों में समझाइश की भूमिका निभाएंगे और खासकर युवाओं को अपराध से दूर रखने के लिए काम करेंगे।
चेतना अभियान के जिन पहलुओं पर पुलिस पहले से काम कर रही है—जैसे साइबर ठगी, महिला और बाल अपराध, सड़क सुरक्षा और संगठित अपराध—अब उन्हीं विषयों पर ये पूर्व पुलिसकर्मी सीधे लोगों के बीच संवाद करेंगे। उद्देश्य यह है कि पुलिस की बात केवल थाने तक सीमित न रहे, बल्कि मोहल्लों तक पहुंचे।
पुलिस अधिकारियों का मानना है कि यह पहल दो स्तर पर असर डालेगी। एक तरफ पुलिस को जमीनी इनपुट मिलेगा, वहीं दूसरी तरफ जनता के साथ संवाद सहज होगा। रिटायर्ड कर्मियों की सामाजिक स्वीकार्यता इस कड़ी को मजबूत कर सकती है।
बैठक में मौजूद कई पूर्व पुलिसकर्मियों ने इसे सकारात्मक अवसर बताया। उनका कहना था कि सेवा समाप्त होने के बाद भी समाज से जुड़ने का यह एक सार्थक तरीका है, जहां अनुभव सीधे उपयोग में आएगा।
बिलासपुर में पहले तकनीक—जैसे ड्रोन और बिट प्रणाली—को मजबूत करने की कोशिश हुई, अब उसी क्रम में अनुभव को जोड़ने का प्रयास दिख रहा है। यह मॉडल कितना असरदार साबित होगा, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा, लेकिन फिलहाल यह पहल पारंपरिक पुलिसिंग से अलग एक प्रयोग के तौर पर सामने आई है।





