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देवस्थान मंत्री ने किए बाबा रामदेव की समाधि के दर्शन- विधिवत पूजा-अर्चना कर की प्रदेश की सुख-समृद्धि एवं जनकल्याण की कामना

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जयपुर। पशुपालन, गोपालन, डेयरी एवं देवस्थान विभाग के मंत्री जोराराम कुमावत शनिवार को लोकदेवता बाबा रामदेव जी की पावन नगरी रामदेवरा पहुंचे । उन्होंने मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि एवं जनकल्याण की कामना की। इस दौरान उन्होंने आस्था के प्रतीक राम सरोवर कुंड के भी दर्शन किए। इस दौरान मंदिर समिति कार्यालय में बाबा वंशज गादीपति भोमसिंह तंवर ने पशुपालन, गोपालन, डेयरी एवं देवस्थान विभाग के मंत्री श्री जोराराम कुमावत को साफा, माला एवं दुपट्टा पहनाकर मंदिर समिति की ओर से स्वागत किया गया।
इस मौके पर उपखण्ड अधिकारी एवं मेला अधिकारी रामदेवरा लाखाराम चौधरी पूर्व प्रधान चुतराराम प्रजापत, पाली प्रधान पुखराज, समाज सेवी नारायणसिंह तवंर, हुकमाराम कुमावत के साथ अन्य मेला प्रशासनिक अधिकारी और रामदेव मंदिर समिति के विभिन्न पदाधिकारी गण भी उपस्थित रहे।
नेत्र कुंभ शिविर का किया अवलोकन
देवस्थान मंत्री श्री कुमावत ने भाद्रपद सप्तमी के अवसर पर रामदेवरा में चल रहे निःशुल्क नेत्र चिकित्सा शिविर नेत्र कुंभ का अवलोकन किया। उन्होंने सक्षम संस्था, जयपुर द्वारा आयोजित इस भव्य आयोजन की सराहना करते हुए आयोजकों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि पर-पीड़ा निवारण के लिए किए जाने वाले कार्य जन-जन तक पहुंचते हैं, तभी उनकी सार्थकता होती है।
देवस्थान मंत्री ने संस्था द्वारा निरूशुल्क नेत्र चिकित्सा, दवाओं, चश्मों, लेंस एवं अन्य उपकरणों के वितरण को अनुकरणीय बताया। उन्होंने मरीजों से संवाद करते हुए उनके हाल-चाल भी जाने। उन्होंने सरकार के साथ-साथ स्वयंसेवी संस्थाओं, निजी क्षेत्र इत्यादि को भी चिकित्सा सेवाओं में सहयोग देने एवं अधिकाधिक लोगों को लाभान्वित किए जाने पर जोर दिया। श्री कुमावत ने कहा कि परोपकार ही सबसे बड़ा धर्म है। चिकित्सा से जुड़ा सेवा कार्य ही ईश्वर की आराधना है। देवस्थान मंत्री श्री कुमावत ने कहा कि लोक त्यौहार, मेले और उत्सव भारत एवं विशेषकर राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं, जो परंपराओं, धार्मिक विश्वासों और सामुदायिक जीवन को दर्शाते हैं। ये आयोजन न केवल स्थानीय रीति-रिवाजों को संरक्षित करते हैं, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था, पर्यटन को बढ़ावा देते हैं और सामाजिक एकजुटता को भी मजबूत करते हैं। उन्होंने कहा कि मेले और त्यौहार अपनी अद्वितीय लोक कला, धार्मिक महत्व और सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से देश की विविधता का प्रदर्शन करते हैं। बाबा रामदेव जी का यह मेला आस्था का केंद्र है, जहां हर साल लाखों श्रद्धालु आते हैं। हमारी सरकार मेले, उत्सव, तीज-त्यौहार और लोक कला-संस्कृति को बढ़ावा दे रही है।