रायपुर।  सुप्रीम कोर्ट द्वारा 29/05/2026 को पारित निर्णय के संदर्भ में, जिसमें संबंधित राज्यों और सक्षम अधिकारियों को समय-समय पर (वर्ष में दो बार, छह महीने के अंतराल पर) TET परीक्षा आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं, छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा ने प्रदेश के कार्यरत शिक्षकों के हित में स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव तथा संचालक, लोक शिक्षण संचालनालय (डीपीआई) को पत्र लिखकर जुलाई माह में विभागीय सीमित शिक्षक पात्रता परीक्षा आयोजित करने का पुरजोर आग्रह किया है।

माननीय सुप्रीम कोर्ट का रिलीफ-

इन-सर्विस टीचर्स के लिए TET क्वालिफिकेशन हासिल करने की दी गई टाइमलाइन को 2 (दो) साल से बढ़ाकर 3 (तीन) साल करते हैं, यानी, क्वालिफिकेशन 31 अगस्त, 2027 के बजाय 31 अगस्त, 2028 तक हासिल करनी होगी।

TET एग्जाम संबंधित अथॉरिटीज़ को जल्दी कराना होगा और इसके लिए ज़रूरी समय और रिसोर्स भी कम हैं।

यह कहने की ज़रूरत नहीं है कि संबंधित राज्यों और सक्षम अधिकारियों की यह भी कोशिश होगी कि TET समय-समय पर, और बेहतर होगा कि हर साल दो बार, हर अगली परीक्षा के बीच लगभग छह महीने का समय लेकर आयोजित किया जाए, ताकि योग्य टीचरों को कानूनी ज़रूरत को पूरा करने का सही मौका मिल सके।

छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा ने कहा है कि विभागीय सीमित टेट पात्रता परीक्षा के आयोजन से न्यायालय व शासन की जटिलताएं पूरी तरह दूर हो जाएंगी। उल्लेखनीय है कि डीपीआई द्वारा विगत 13 मार्च 2026 को सभी जेडी व डीईओ से शिक्षकों की जानकारी मंगाई गई थी, जिसके बाद विभाग परीक्षा की कार्ययोजना में जुट गया था। इसी क्रम में एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल ने विगत दिनों डीपीआई अधिकारियों से मुलाकात कर सहायक शिक्षकों व शिक्षकों की सेवा सुरक्षा और पदोन्नति से जुड़े पहलुओं पर विस्तृत चर्चा की थी।

ब्लॉक व संकुल स्तर पर परीक्षा केंद्र बनाने का सुझाव-

एसोसिएशन ने शासन को सुझाव दिया है कि शिक्षकों की सुविधा के लिए इस परीक्षा की जिम्मेदारी स्कूल शिक्षा विभाग डीपीआई को सौंपे, जिला शिक्षा अधिकारियों के निरीक्षण में प्रत्येक विकासखंड (ब्लॉक) की 5-7 बड़ी शालाओं या संकुल शालाओं को परीक्षा केंद्र बनाया जाए, ताकि शिक्षक अपनी निकटस्थ शाला में आसानी से परीक्षा दे सकें।

परीक्षा आयोजन हेतु एसोसिएशन द्वारा प्रस्तावित मुख्य प्रावधान-

शिक्षकों की सेवा सुरक्षा और पदोन्नति के अवसरों को ध्यान में रखते हुए एसोसिएशन ने परीक्षा को सरल और पारदर्शी बनाने के लिए निम्नलिखित 7 सूत्रीय प्रस्ताव प्रस्तुत किए हैं:-

1. दो चरणों में परीक्षा: परीक्षा के अंतर्गत पेपर-I एवं पेपर-II दोनों आयोजित किए जाएं।
2. पाठ्यक्रम: प्रश्न राज्य के कक्षा I-V तथा कक्षा VI-VIII के वर्तमान पाठ्यक्रम, सामान्य शैक्षणिक समझ एवं अवधारणाओं पर आधारित हों।
3. समय अंतराल: कक्षा I-V और कक्षा VI-VIII की परीक्षाओं के बीच कम से कम 15 दिनों का अंतर रखा जाए।
4. परीक्षा का माध्यम: शिक्षक पात्रता परीक्षा पूरी तरह ऑफलाइन (OMR शीट आधारित) आयोजित की जाए।
5. प्रश्नों की संख्या: परीक्षा में कुल 100 बहुविकल्पीय (MCQ) प्रश्न शामिल हों।
6. समय अवधि: परीक्षा की कुल अवधि 3 घंटे निर्धारित की जाए।
7. न्यूनतम उत्तीर्णांक: चूंकि यह सेवाकालीन शिक्षकों के लिए आयोजित पात्रता परीक्षा है, इसलिए न्यूनतम उत्तीर्णांक 33/100 (33 प्रतिशत) निर्धारित किया जाए।

टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा, प्रदेश संयोजक सुधीर प्रधान, वाजिद खान, प्रदेश उपाध्यक्ष देवनाथ साहू, बसंत चतुर्वेदी, प्रवीण श्रीवास्तव, शैलेन्द्र यदु, कोमल वैष्णव, मुकेश मुदलियार, प्रदेश सचिव मनोज सनाढ्य तथा प्रदेश कोषाध्यक्ष शैलेन्द्र पारिक ने संयुक्त रूप से कहा है कि माननीय सुप्रीम कोर्ट के निर्णय अनुसार शैक्षणिक गुणवत्ता और शिक्षकों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए इस परीक्षा का त्वरित आयोजन अत्यंत आवश्यक है, एसोसिएशन ने उम्मीद जताई है कि शासन इन बिंदुओं पर सहानुभूतिपूर्वक और सकारात्मक विचार करते हुए जल्द ही आवश्यक आदेश जारी करेगा।