शादी के 4 महीने बाद सलाखों के पीछे रिश्वतखोर इंजीनियर: 50 हजार के चक्कर में गंवाई इज्जत, छापेमारी में निकला करोड़ों का साम्राज्य
यह पूरी कार्रवाई तब शुरू हुई जब एक शिकायतकर्ता की सूचना पर सीबीआई ने जाल बिछाया और सुधांशु सुमन को सरकारी कार्य के बदले 50,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए धर दबोचा।

जोधपुर/केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी स्ट्राइक करते हुए सहायक अभियंता सुधांशु सुमन को सलाखों के पीछे भेज दिया है। रिश्वत के जाल में फंसे इस इंजीनियर की गिरफ्तारी के बाद जब सीबीआई ने उनके ठिकानों की तलाशी ली, तो भ्रष्टाचार की एक ऐसी काली तस्वीर सामने आई जिसने जांच अधिकारियों को भी दंग कर दिया।
50,000 रुपये की घूस लेते रंगे हाथ पकड़े गए इस अधिकारी के पास से करोड़ों रुपये की बेनामी संपत्ति और लग्जरी सुख-सुविधाओं के दस्तावेज बरामद हुए हैं। विशेष अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी को 27 अप्रैल तक के लिए न्यायिक हिरासत में जेल भेजने का आदेश जारी किया है।
यह पूरी कार्रवाई तब शुरू हुई जब एक शिकायतकर्ता की सूचना पर सीबीआई ने जाल बिछाया और सुधांशु सुमन को सरकारी कार्य के बदले 50,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए धर दबोचा।
लेकिन असली कहानी तो गिरफ्तारी के बाद शुरू हुई। जांच टीम ने जब आरोपी के निजी आवास और अन्य ठिकानों पर छापेमारी की, तो वहां एक आलीशान बंगले के कागजात मिले जिसकी बाजार दर करीब 1.5 करोड़ रुपये आंकी जा रही है।
इसके अलावा, उनके गैरेज से 30 लाख रुपये की एक चमचमाती लग्जरी गाड़ी और घर के भीतर से लाखों रुपये की नकदी बरामद की गई है। इस आय से अधिक संपत्ति का कोई भी वैध हिसाब इंजीनियर के पास नहीं था, जिससे स्पष्ट होता है कि भ्रष्टाचार की जड़ें काफी गहरी हैं।
अदालत परिसर में उस वक्त एक बेहद भावुक और तनावपूर्ण माहौल देखा गया जब आरोपी इंजीनियर की पत्नी और अन्य करीबी रिश्तेदार वहां पहुंचे। गौरतलब है कि सुधांशु सुमन का विवाह महज चार महीने पहले ही हुआ था। नए-नवेले वैवाहिक जीवन के बीच भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों और पति की गिरफ्तारी ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है।
जहां एक ओर पत्नी की आंखों में आंसू थे, वहीं दूसरी ओर कानून का शिकंजा कसता जा रहा था। इस घटना ने एक बार फिर यह संदेश दिया है कि भ्रष्टाचार न केवल करियर बर्बाद करता है, बल्कि हंसते-खेलते परिवारों की खुशियां भी छीन लेता है।
सीबीआई सूत्रों के अनुसार, आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। बरामद संपत्तियों के विस्तृत विश्लेषण के बाद अब जांच एजेंसी आय से अधिक संपत्ति (DA Case) का एक नया और कड़ा मामला दर्ज करने की तैयारी में है। सीबीआई अब उन कड़ियों को जोड़ रही है कि आखिर एक सहायक अभियंता के पद पर रहते हुए इतने कम समय में इतनी बड़ी संपत्ति कैसे खड़ी की गई। इस कार्रवाई के बाद विभाग के अन्य अधिकारियों में भी हड़कंप मचा हुआ है



