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Bilaspur

बिलासपुर बना भ्रष्टाचार का नाकलोक…अधिकारियों ने बांट दिए साढ़ें 17 करोड़..सुशांत के सवाल पर डॉ.रमन पूछा..फर्जी कौन..?

सुशांत शु्क्ला की मांग पर टंकराम वर्मा ने दिया जांच का आदेश

बिलासपुर—विधानसभा में बेलतरा विधायक सुशांत ने बिलासपुर जिले में अधिकारियों का नया फर्जीवाड़ा खुलासा किया है। सुशांत के सवाल ने ना केवल विपक्ष बल्कि सत्ता पक्ष को चौंकने के लिए मजबूरकिया।  सुशांत शु्क्ला के सवाल पर मंत्री टंकराम वर्मा ने जांच का आदेश दिया है। लेकिन विधानसभा अध्यक्ष डॉ.रमन सिंह और धरमलाल कौशिक ने आश्चर्य जाहिर किया है।

छत्तीसगढ़ विधानसभा में सर्पदंश मुआवजा वितरण के नाम करोंडों की धांधली का मामला गूंजा है। विधायक सुशांत  शुक्ला के सवाल भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने जमकर चुटकी ली है। जानकारी देते चलें कि जशपुर जिले को छत्तीसगढ़ का नागलोक कहा जाता है। जशपुर में इस सत्र के दौरान सर्पदंश से 96 लोगों की मौत हुई है।  शासन ने सर्पदंश शिकार परिजनों को तीन करोड़ का मुआवजा दिया है। जबकि बिलासपुर जिले में सांप काटने से 431 लोगों की मौत हुई है। अधिकारियों ने..परिजनों को 17 करोड़ 24 लाख  मुआवजा दिया है।सुशांत ने बताया कि मुआवजा वितरण का  इतना तेज काम उन्ही अधिकारियों ने किया है जो एक प्रमाण पत्र के लिए सौ बार चक्कर काटने को मजबूर कर देते हैं।

          बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला ने बताया कि बिलासपुर के अधिकारियों ने भ्रष्टाचार की सीमा पार कर जशपुर की जगह बिलासपुर को नागलोक बना दिया है।अधिकारियों ने रैकेट बनाकर सर्पदंश मौक को लेकर फर्जी भुगतान किया है। यह जानते हुए भी कि सर्प दंश से मौत पर 4 लाख का  मुआवजा दिया जाता है। लेकिन बिलासपुर के मेहरबान  अधिकारियों ने मुआवजा भुगतान में कुछ ज्यादा ही  उदार करोड़ों रूपयें बांट दिए है।इसलिए फर्जीवाड़ा की जांच सचिव स्तर पर किया जाए।

         सवाल पर  मंत्री टंक राम वर्मा ने कहा, कि “यदि फर्जी प्रकरण बनाकर मुआवजा दिया गया है, तो निश्चित रूप से जांच होगी। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई भी करेंगे। सवाल पर विधायक धरमलाल कौशिक ने  संदेह जाहिर करते हुए बताया कि बिलासपुर में सर्पदंश से मरने वालों को मिलने वाला जशपुर के मुआवजा से चार गुना ज्यादा है। इसलिए जांच किया जाना  जरूरी है। इस पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने चुटकी लेते हुए कहा कि वहां सांप फर्जी था या आदमी ? चर्चा के बीच विधायक धरमलाल कौशिक ने कहा कि आज तक यही सुना और जाना है कि जशपुर नागलोक है। जशपुर से कब बिलासपुर नागलोक बन गया। मंत्री को इस बात की भी जानकारी देनी चाहिए।

Bhaskar Mishra

पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग 16 साल का अनुभव।विभिन्न माध्यमों से पत्रकारिता के क्षेत्र मे काम करने का अवसर मिला।यह प्रयोग अब भी जारी है।कॉलेज लाइफ के दौरान से पत्रकारिता से गहरा जुड़ाव हुआ।इसी दौरान दैनिक समय से जुडने का अवसर मिला।कहानी,कविता में विशेष दिलचस्पी ने पहले तो अधकचरा पत्रकार बनाया बाद में प्रदेश के वरिष्ठ और प्रणम्य लोगों के मार्गदर्शन में संपूर्ण पत्रकारिता की शिक्षा मिली। बिलासपुर में डिग्री लेने के दौरान दैनिक भास्कर से जु़ड़ा।2005-08 मे दैनिक हरिभूमि में उप संपादकीय कार्य किया।टूडे न्यूज,देशबन्धु और नवभारत के लिए रिपोर्टिंग की।2008- 11 के बीच ईटीवी हैदराबाद में संपादकीय कार्य को अंजाम दिया।भाग दौड़ के दौरान अन्य चैनलों से भी जुडने का अवसर मिला।2011-13 मे बिलासपुर के स्थानीय चैनल ग्रैण्ड न्यूज में संपादन का कार्य किया।2013 से 15 तक राष्ट्रीय न्यूज एक्सप्रेस चैनल में बिलासपुर संभाग व्यूरो चीफ के जिम्मेदारियों को निभाया। 1998-2000 के बीच आकाशवाणी में एनाउँसर-कम-कम्पियर का काम किया।वर्तमान में www.cgwall.com वेबपोर्टल में संपादकीय कार्य कर रहा हूं।
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