होली से पहले खेतों में समृद्धि की बरसात: रहंगी से 10,324 करोड़ सीधे किसानों के खातों में, 263 करोड़ के विकास कार्यों का आगाज़
किसान सम्मेलन बना शक्ति प्रदर्शन, मंच से वित्तीय संकल्प और विकास का रोडमैप

बिलासपुर…बिल्हा विकासखंड के रहंगी में आयोजित वृहद किसान सम्मेलन ने आर्थिक और विकास दोनों मोर्चों पर बड़ा संकेत दिया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रिमोट का बटन दबाकर 10 हजार 324 करोड़ रुपये सीधे किसानों के खातों में अंतरित किए। इसके साथ ही 263.17 करोड़ रुपये की लागत से 89 विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास हुआ।
कार्यक्रम में 15.99 करोड़ रुपये की लागत से पूर्ण 7 कार्यों का लोकार्पण हुआ, जबकि 247.18 करोड़ रुपये के 82 नए कार्यों की आधारशिला रखी गई। सम्मेलन में बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे और मंच से कृषि, अधोसंरचना, सहकारिता और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर केंद्रित घोषणाएं हुईं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 25 लाख 28 हजार से अधिक किसानों ने धान बेचा है और कृषक उन्नति योजना के माध्यम से 10 हजार करोड़ से अधिक की राशि सीधे खातों में पहुंची है। होली से पहले भुगतान सुनिश्चित कर सरकार ने किसानों की मेहनत का सम्मान किया है। उन्होंने दावा किया कि इस बार बारदाने की समस्या नहीं आई और भुगतान भी समय पर हुआ।
उन्होंने शून्य प्रतिशत ब्याज पर कृषि ऋण, किसान क्रेडिट कार्ड, खाद सब्सिडी, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार और सहकारिता को मजबूत करने की दिशा में उठाए गए कदमों को सरकार की प्राथमिकता बताया। भूमिहीन कृषि मजदूरों को भी आर्थिक सहायता अंतरित करने का उल्लेख किया। राज्य के बजट में कृषि के लिए 13 हजार करोड़ रुपये से अधिक के प्रावधान को किसानों के प्रति प्रतिबद्धता का प्रमाण बताया।
बिल्हा विधायक धरमलाल कौशिक ने कहा कि अन्नदाताओं की मेहनत से छत्तीसगढ़ खुशहाल है। पिछले तीन वर्षों में चार लाख मीट्रिक टन से अधिक धान खरीदी और 1 लाख 50 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि किसानों के खातों में अंतरित हुई है। उन्होंने सड़क, सिंचाई और विकास के अन्य आयामों में हो रहे कार्यों को राज्य की गति बताया।
कृषि मंत्री राम विचार नेताम ने फसल विविधीकरण पर जोर देते हुए कहा कि धान के साथ दलहन और तिलहन उत्पादन से किसानों की आय बढ़ सकती है। उन्होंने जैविक खेती, मिश्रित कृषि, दुग्ध उत्पादन और मत्स्यपालन को आय के वैकल्पिक स्रोत के रूप में आगे बढ़ाने की बात कही। अंधाधुंध रासायनिक खाद के प्रयोग से मिट्टी की उर्वरता पर पड़ रहे असर को लेकर भी सावधान किया।
सम्मेलन में ‘कृषक उन्नति योजना का वरदान, छत्तीसगढ़ का हर किसान धनवान’ थीम पर वीडियो का विमोचन हुआ और हितग्राहियों को प्रतीकात्मक चेक व सामग्री वितरित की गई।





