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सावधान! कहीं आपका Gold Loan भी तो खतरे में नहीं? टोंक में किसान का आरोप- बिना नोटिस बैंक ने नीलाम कर दिया 128 ग्राम सोना

किसान का आरोप है कि जब वह 6 फरवरी को अपना कर्ज चुकाने और सोना वापस लेने बैंक पहुंचा, तो बैंक प्रबंधन ने उससे कुछ कागजों पर जबरन हस्ताक्षर करवा लिए और ठंडा जवाब दिया कि उसका सोना नीलाम किया जा चुका है। पीड़ित का यह भी आरोप है कि विरोध करने पर उसे 'जेल भिजवाने' की धमकी दी गई, जिससे डरकर वह उस समय घर लौट गया।

Gold Loan/राजस्थान के टोंक जिले से बैंकिंग सेवाओं और ग्राहकों के अधिकारों को लेकर एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक पीड़ित किसान ने निजी क्षेत्र के प्रतिष्ठित आईसीआईसीआई (ICICI) बैंक पर गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।

किसान का दावा है कि बैंक ने उसे बिना किसी पूर्व सूचना या नोटिस के, उसके द्वारा गिरवी रखा गया करीब 128 ग्राम सोना नीलाम कर दिया। इस घटना के बाद बैंक परिसर में भारी हंगामा हुआ, जिसके बाद पुलिस को दखल देना पड़ा।

मामला टोंक कोतवाली थाना क्षेत्र का है। डोड़वाड़ी निवासी पीड़ित किसान रामदयाल चौधरी ने पुलिस को दी अपनी रिपोर्ट में बताया कि वर्ष 2024 में उसने अपनी घरेलू जरूरतों के लिए 128.52 ग्राम सोना बैंक(Gold Loan) में गिरवी रखकर 2 लाख 52 हजार रुपये का ‘गोल्ड लोन’ लिया था।

किसान का आरोप है कि जब वह 6 फरवरी को अपना कर्ज चुकाने और सोना वापस लेने बैंक पहुंचा, तो बैंक प्रबंधन ने उससे कुछ कागजों पर जबरन हस्ताक्षर करवा लिए और ठंडा जवाब दिया कि उसका सोना नीलाम किया जा चुका है। पीड़ित का यह भी आरोप है कि विरोध करने पर उसे ‘जेल भिजवाने’ की धमकी दी गई, जिससे डरकर वह उस समय घर लौट गया।

घटना ने तब तूल पकड़ा जब पीड़ित किसान ने अपने साथियों और अन्य किसानों को आपबीती सुनाई। हिम्मत जुटाकर जब वह दोबारा समर्थकों के साथ बैंक पहुंचा, तो वहां बैंक अधिकारियों और किसानों के बीच तीखी बहस हो गई।

करीब 4 बजे बैंक परिसर में हंगामे की स्थिति बन गई, जिसकी सूचना मिलते ही कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। किसान का स्पष्ट कहना है कि नियमानुसार नीलामी से पहले उसे कोई कानूनी नोटिस नहीं दिया गया और न ही उसे अपनी बात रखने का मौका मिला।

दूसरी ओर, बैंक प्रबंधन ने अपना पक्ष रखते हुए कहा है कि उन्होंने नीलामी की प्रक्रिया पूरी तरह नियमों के तहत की है। बैंक का तर्क है कि समय सीमा समाप्त होने और संपर्क न होने की स्थिति में ही ऐसा कदम उठाया गया।

हालांकि, किसान के आरोपों ने बैंक की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। टोंक कोतवाल भंवर लाल वैष्णव ने बताया कि पीड़ित किसान की लिखित शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच पूरी होने के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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