Adani Group: अदाणी vs बिड़ला: सीमेंट के बाद अब तार और केबल उद्योग में होगी जोरदार टक्कर!
विश्लेषकों ने कहा, ‘‘तार और केबल उद्योग में नए खिलाड़ियों के लिए पर्याप्त जगह है, क्योंकि यह दहाई अंक में बढ़ रहा है और उद्योग का 30 प्रतिशत हिस्सा अब भी असंगठित क्षेत्र के पास है।

Adani Group: भारतीय उद्योग जगत के दो बड़े दिग्गज गौतम अदाणी और कुमार मंगलम बिड़ला एक बार फिर आमने-सामने हैं। सीमेंट सेक्टर में प्रतिस्पर्धा के बाद अब ये दोनों समूह तार और केबल उद्योग में उतरने के लिए तैयार हैं। इस नए क्षेत्र में कदम रखने की घोषणा दोनों समूहों ने एक महीने के भीतर कर दी है, जिससे बाजार में हलचल मच गई है।
इस प्रतिस्पर्धा का सबसे अधिक असर छोटी और असंगठित कंपनियों पर पड़ने वाला है, क्योंकि अब यह उद्योग तेजी से संगठित ब्रांड बाजार की ओर बढ़ रहा है।
बढ़ेगी प्रतिस्पर्धा, गिरेंगे मौजूदा कंपनियों के शेयर
भारतीय तार और केबल उद्योग पिछले कुछ वर्षों में तेजी से बढ़ा है। वित्त वर्ष 2018-19 से 2023-24 के बीच इस क्षेत्र ने 13% की सालाना वृद्धि दर दर्ज की है।
उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि अदाणी और बिड़ला समूह के आने से इस सेक्टर में प्रतिस्पर्धा और तेज हो जाएगी। अदाणी समूह द्वारा 19 मार्च को इस उद्योग में उतरने की घोषणा के बाद ही इस सेक्टर की अग्रणी कंपनियों पॉलीकैब इंडिया, केईआई इंडस्ट्रीज और हैवेल्स के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। इससे साफ जाहिर होता है कि अदाणी और बिड़ला समूह की मौजूदगी ने बाजार में हलचल मचा दी है।
तार और केबल सेक्टर में अपार संभावनाएं
भारतीय तार और केबल उद्योग का मौजूदा आकार करीब 80,000 करोड़ रुपये है, जिसमें 56,000 करोड़ रुपये का केबल और 24,000 करोड़ रुपये का तार कारोबार शामिल है।
विश्लेषकों के मुताबिक, इस उद्योग में नए खिलाड़ियों के लिए जबरदस्त अवसर हैं, क्योंकि अब भी 30% बाजार असंगठित क्षेत्र के पास है। अनुमान लगाया जा रहा है कि वर्ष 2028-29 तक इस उद्योग का कुल आकार 1,30,000 करोड़ रुपये तक पहुंच जाएगा।
बड़े समूहों की एंट्री से बदल जाएगा बाजार
इस समय भारत में तार और केबल उद्योग में 400 से अधिक कंपनियां सक्रिय हैं, जिनमें कई एसएमई (छोटे और मध्यम उद्यम) भी शामिल हैं। वैश्विक ब्रोकरेज फर्म जेफरीज ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि यह उद्योग गहरी जेब वाले नए निवेशकों के लिए आदर्श सेक्टर है। दिलचस्प बात यह है कि अब तक किसी भी एक कंपनी का इस सेक्टर में 15% से अधिक तार और 20% से अधिक केबल मार्केट शेयर नहीं है।
अदाणी और बिड़ला के बड़े दांव
अदाणी समूह ने अपनी अनुषंगी कंपनी कच्छ कॉपर लिमिटेड (केसीएल) के माध्यम से प्रणीता वेंचर्स के साथ साझेदारी की है और प्रणीता इकोकेबल्स नाम से एक संयुक्त उद्यम की शुरुआत की है। यह कंपनी धातु उत्पादों, केबल और तारों का निर्माण और बिक्री करेगी।
उधर, आदित्य बिड़ला समूह की प्रमुख कंपनी अल्ट्राटेक सीमेंट ने भी तार और केबल सेक्टर में प्रवेश करने के लिए 1,800 करोड़ रुपये के निवेश की योजना बनाई है। यह घोषणा 25 फरवरी को की गई थी, जिसमें अगले दो वर्षों में इस सेक्टर में मजबूती से उतरने की रणनीति बनाई गई है।