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Bilaspur

स्टॉक भरपूर, किल्लत दूर… सिलेंडर से गैस चोरी की तो लाइसेंस होगा रद्द.. कलेक्टर ने जारी किया सख्त फरमान !

सिलेंडर में चोरी पर कलेक्टर का अल्टीमेट वार—अब गैस लूटोगे तो लाइसेंस सीधा खत्म!

 बिलासपुर..जिले में एलपीजी, पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं है—स्टॉक पर्याप्त है और आपूर्ति पूरी तरह सामान्य। लेकिन अफवाहों और अनावश्यक स्टोरेज ने हालात को असामान्य बना दिया है। मंथन सभागार में आयोजित पत्रकार वार्ता में कलेक्टर संजय अग्रवाल ने साफ किया कि “किल्लत का माहौल बनाया जा रहा है, जबकि वास्तविकता में पर्याप्त उपलब्धता है।” साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि गैस चोरी, कालाबाजारी और जमाखोरी करने वालों पर अब सीधी और कठोर कार्रवाई होगी—जरूरत पड़ी तो लाइसेंस निरस्त तक किया जाएगा।

किल्लत नहीं, ‘डर’ से दोगुनी डिमांड

जिले में सामान्य दिनों में करीब 9 हजार सिलेंडर का उठाव होता था, लेकिन वर्तमान में यह आंकड़ा 22 हजार के पार पहुंच गया है। यानी करीब 17 हजार अतिरिक्त सिलेंडर की मांग अचानक बढ़ी है। कलेक्टर ने इसकी वजह साफ की—मध्य एशिया में ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच चल रहे तनाव को लेकर फैली भ्रामक खबरों ने लोगों को स्टोरेज के लिए प्रेरित किया। नतीजा, जरूरत से ज्यादा गैस भरवाई जा रही है और सप्लाई चेन पर दबाव बढ़ रहा है। इसके बावजूद प्रशासन ने स्पष्ट किया कि भारत सरकार के निर्देश पर पर्याप्त स्टॉक से लगातार आपूर्ति जारी है।

सिलेंडर में सेंध—कम गैस, पूरा दाम!

पत्रकार वार्ता में सबसे गंभीर मुद्दा गैस चोरी का सामने आया। शिकायतें मिली हैं कि कुछ एजेंसियां सिलेंडर में तय मात्रा करीब 14.2 किलो) से कम गैस भरकर 10–12 किलो ही उपभोक्ताओं तक पहुंचा रही हैं। कलेक्टर ने इसे सीधे उपभोक्ता अधिकारों पर हमला बताया और दो टूक कहा—“प्रमाण मिला तो संबंधित एजेंसी का लाइसेंस तुरंत निरस्त होगा।” अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि हर शिकायत पर तत्काल जांच कर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। कलेक्टर ने इस दौरान स्पष्ट किया कि उन्हें जानकारी है कि इस प्रकार की गलतियां कौन सी एजेंसी कर सकती है। ऐसे लोग कार्रवाई के लिए तैयार रहे l

570 सिलेंडर जब्त—कालाबाजारी स्टोरेज पर वार

खाद्य विभाग और संबंधित टीमों ने हाल के दिनों में कार्रवाई करते हुए 570 सिलेंडर जब्त किए हैं। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि अनावश्यक स्टोरेज, कालाबाजारी और नियमों के उल्लंघन पर लगातार छापेमारी जारी रहेगी। पेट्रोल और डीजल को जरी केन या अतिरिक्त कंटेनर में देने पर भी सख्त रोक लगाई गई है।

 व्यावसायिक इस्तेमाल पर सीधी कारवाई 

होटल, ढाबा और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में डोमेस्टिक गैस के उपयोग को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि कमर्शियल के स्थान पर घरेलू सिलेंडर इस्तेमाल करते पाए जाने पर तत्काल कार्रवाई होगी। बड़े होटल और ढाबा संचालकों को प्राथमिकता में लेकर जांच करने को कहा गया है।

ऑनलाइन बुकिंग और OTP गड़बड़ी—तुरंत सुधार 

उपभोक्ताओं की शिकायतों में ऑनलाइन बुकिंग के बाद OTP नहीं मिलने और गैस किसी अन्य को डिलीवर होने की बात सामने आई। कलेक्टर ने मौके पर ही पेट्रोलियम और खाद्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन शिकायतों को गंभीरता से लेकर तत्काल सुधार किया जाए, ताकि सिस्टम पारदर्शी और विश्वसनीय बना रहे।

 खपत भी बढ़ी, फिर भी सप्लाई बाधित नहीं

सामान्य दिनों में जहां पेट्रोल की खपत करीब 250 किलोलीटर और डीजल 260 किलोलीटर प्रतिदिन थी, वहीं वर्तमान में इसमें उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। बावजूद इसके आपूर्ति पर कोई असर नहीं पड़ा है। भारत सरकार के निर्देशानुसार उपलब्ध स्टॉक से लगातार सप्लाई सुनिश्चित की जा रही है।

सरकार से लेकर जिले तक, किल्लत नहीं होने देंगे

केंद्र स्तर पर प्रधानमंत्री द्वारा राज्यों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि गैस, पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति बाधित नहीं होनी चाहिए और अफवाह फैलाने वालों पर कार्रवाई हो। इसके बाद मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भी सभी कलेक्टरों को कृत्रिम किल्लत पैदा करने वालों पर सख्ती के निर्देश दिए। इसी क्रम में बिलासपुर में यह समीक्षा और प्रेस वार्ता आयोजित की गई।

अधिकारियों की मौजूदगी, सख्त मॉनिटरिंग

पत्रकार वार्ता में पेट्रोलियम विभाग, खाद्य विभाग, खाद्य नियंत्रक अमृत कुजूर और सहायक खनिज अधिकारी अजय मर मौजूद रहे। कलेक्टर ने सभी विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए कि आपूर्ति के साथ-साथ निगरानी भी मजबूत रहे—कहीं भी गड़बड़ी दिखे तो तुरंत कार्रवाई हो।

कलेक्टर —घबराएं नहीं, जिम्मेदारी से उपयोग करें

कलेक्टर ने आम जनता से अपील की कि अफवाहों से बचें, अनावश्यक स्टोरेज न करें और रसोई गैस का मितव्ययी उपयोग करें। साथ ही वैकल्पिक ऊर्जा के विकल्पों पर भी विचार करने को कहा। उन्होंने साफ किया कि “संकट संसाधनों का नहीं, बल्कि भ्रम का है—और इसे मिलकर खत्म करना होगा।”

Bhaskar Mishra

पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग 16 साल का अनुभव।विभिन्न माध्यमों से पत्रकारिता के क्षेत्र मे काम करने का अवसर मिला।यह प्रयोग अब भी जारी है।कॉलेज लाइफ के दौरान से पत्रकारिता से गहरा जुड़ाव हुआ।इसी दौरान दैनिक समय से जुडने का अवसर मिला।कहानी,कविता में विशेष दिलचस्पी ने पहले तो अधकचरा पत्रकार बनाया बाद में प्रदेश के वरिष्ठ और प्रणम्य लोगों के मार्गदर्शन में संपूर्ण पत्रकारिता की शिक्षा मिली। बिलासपुर में डिग्री लेने के दौरान दैनिक भास्कर से जु़ड़ा।2005-08 मे दैनिक हरिभूमि में उप संपादकीय कार्य किया।टूडे न्यूज,देशबन्धु और नवभारत के लिए रिपोर्टिंग की।2008- 11 के बीच ईटीवी हैदराबाद में संपादकीय कार्य को अंजाम दिया।भाग दौड़ के दौरान अन्य चैनलों से भी जुडने का अवसर मिला।2011-13 मे बिलासपुर के स्थानीय चैनल ग्रैण्ड न्यूज में संपादन का कार्य किया।2013 से 15 तक राष्ट्रीय न्यूज एक्सप्रेस चैनल में बिलासपुर संभाग व्यूरो चीफ के जिम्मेदारियों को निभाया। 1998-2000 के बीच आकाशवाणी में एनाउँसर-कम-कम्पियर का काम किया।वर्तमान में www.cgwall.com वेबपोर्टल में संपादकीय कार्य कर रहा हूं।
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