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ram navami 2026 upay-प्रभु श्री राम के जन्मोत्सव पर इन विशेष ज्योतिषीय उपायों से चमकेगा भाग्य, राहु-शनि के दोषों से मिलेगी मुक्ति

प्रतिवर्ष चैत्र शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को राम नवमी मनाई जाती है। इस बार राम नवमी 26 और 27 अप्रैल को पड़ रही है। ऐसे में इस दिन राम लला का जन्मोत्सव मनाने के साथ इन ज्योतिषीय उपायों को करना लाभकारी हो सकता है। आइए जानते हैं इन उपायों के बारे में...

ram navami 2026 upayसनातन धर्म में मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम के जन्मोत्सव यानी ‘राम नवमी’ का पर्व अत्यंत श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाता है। हर साल चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को यह महापर्व आता है। इस वर्ष राम नवमी 26 मार्च को मनाई जाएगी, क्योंकि इसी पावन तिथि को दोपहर के समय भगवान राम का प्राकट्य हुआ था।

ram navami 2026 upay/ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, राम नवमी का दिन केवल पूजा-अर्चना के लिए ही नहीं, बल्कि ग्रहों की शांति और जीवन की बाधाओं को दूर करने के लिए भी अत्यंत शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन किए गए कुछ विशेष ज्योतिषीय उपाय कुंडली में राहु और शनि जैसे क्रूर ग्रहों के नकारात्मक प्रभाव को कम कर सकते हैं और नौकरी, व्यवसाय व शत्रुओं पर विजय प्राप्त करने में सहायक सिद्ध होते हैं।

प्रभु श्री राम की कृपा पाने के लिए राम नवमी के दिन 11 बार ‘राम रक्षा स्तोत्र’ का पाठ करना बेहद प्रभावशाली माना गया है। धार्मिक जानकारों के अनुसार, इस स्तोत्र के पाठ से व्यक्ति को हर कार्य में सफलता मिलती है और जीवन में आने वाली अचानक विपदाएं दूर हो जाती हैं। इसके साथ ही, गोस्वामी तुलसीदास रचित रामचरितमानस के ‘बालकांड’ का पाठ करना भी इस दिन विशेष फलदायी होता है।

कहा जाता है कि बालकांड का पाठ करने से भगवान राम प्रसन्न होते हैं और भक्तों के जीवन में लंबे समय से चली आ रही मानसिक व शारीरिक परेशानियां समाप्त हो जाती हैं। चूंकि भगवान राम श्री हरि विष्णु के ही सातवें अवतार हैं, इसलिए इस दिन ‘विष्णु सहस्त्रनाम’ का पाठ करने से जातक को अनजाने में हुए पापों से मुक्ति मिलती है और घर में सुख-शांति का संचार होता है।

ram navami 2026 upay/राम नवमी पर एक विशेष उपाय के तौर पर भगवान राम को तुलसी की माला अर्पित करने की परंपरा है। यदि इस माला में कम से कम 108 तुलसी के पत्ते हों, तो यह उपाय और भी अधिक प्रभावी हो जाता है। ऐसी मान्यता है कि प्रभु श्री राम को तुलसी अत्यंत प्रिय है और इस माला को चढ़ाने से वे अपने भक्तों की हर मनोकामना पूर्ण करते हैं, साथ ही राहु-शनि के दोषों का दुष्प्रभाव भी काफी हद तक कम हो जाता है। इस दिन घर में ‘राम दरबार’ (राम, सीता, लक्ष्मण और हनुमान जी) की स्थापना कर विधि-विधान से पूजा करना अत्यंत शुभ माना गया है। चंदन, धूप और घी के दीपक के साथ राम दरबार की पूजा करने से पारिवारिक एकजुटता बढ़ती है और घर का वास्तु दोष भी दूर होता है।

अध्यात्म की दृष्टि से ‘राम’ नाम का जाप अपने आप में एक महामंत्र है। राम नवमी के दिन शांत चित्त होकर 108 बार ‘राम’ नाम का जाप करने से मानसिक क्लेशों से मुक्ति मिलती है। साथ ही, भगवान राम के परम भक्त हनुमान जी की आराधना के बिना यह उत्सव अधूरा माना जाता है। इस पावन अवसर पर हनुमान चालीसा या सुंदरकांड का पाठ करने से व्यक्ति के भीतर साहस और आत्मविश्वास का संचार होता है, जिससे उसे शत्रुओं और प्रतिद्वंद्वियों पर विजय प्राप्त करने में मदद मिलती है।

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