जुआ सिंडिकेट पर न्यायिक प्रहार: ‘लाला महाराज’ की अग्रिम जमानत खारिज, गिरफ्तारी के लिए पुलिस की घेराबंदी तेज
‘लाला महाराज’ की अग्रिम जमानत खारिज, गिरफ्तारी के लिए दबिश तेज

मुंगेली… संगठित सट्टा नेटवर्क पर अदालत ने कड़ा संदेश दिया है। थाना चिल्फी में दर्ज अपराध में मुख्य आरोपी योगेंद्र शर्मा उर्फ लाला महाराज उर्फ भर्रा की अग्रिम जमानत याचिका जिला सत्र न्यायालय मुंगेली ने खारिज कर दी। मामला धारा 6 छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम, 2022 के तहत दर्ज है।
सुनवाई के दौरान न्यायाधीश गिरजा देवी मेरावी ने आरोपी के आपराधिक इतिहास और कथित संगठित नेटवर्क को गंभीर माना। अभियोजन पक्ष ने वित्तीय साक्ष्य और पूर्व प्रकरणों का हवाला दिया। अदालत ने राहत देने से इंकार कर दिया।
रेड से खुली परतें
2 नवंबर 2025 को ग्राम रैतरा खुर्द में हनुमान मंदिर के पास पुलिस ने छापा मारकर संजय साहू को सट्टा पट्टी लिखाते पकड़ा। मौके से 75,700 रुपये नकद, दस्तावेज और मोबाइल जब्त हुए। पूछताछ में सामने आया कि वसूली गई रकम का 7 प्रतिशत कमीशन योगेंद्र शर्मा तक पहुंचता था। डिजिटल माध्यम और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के जरिए अंकों का संचालन चलता था।
जांच में बैंक खातों में लाखों रुपये के संदिग्ध लेन-देन के संकेत मिले। पुलिस ने पूरे प्रकरण को संगठित अपराध की श्रेणी में रखा।
फरारी पर दबिश, इनाम घोषित
आरोपी लंबे समय से फरार है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल ने पहले ही गिरफ्तारी पर नकद इनाम घोषित किया था। पोस्टर चस्पा कर संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है।
अग्रिम जमानत खारिज होने के बाद पुलिस को गिरफ्तारी के लिए वैधानिक कार्रवाई में खुली छूट मिल गई है। संदेश साफ है—संगठित जुआ नेटवर्क पर शिकंजा कस रहा है, अब अगली कड़ी गिरफ्तारी की है।





