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नमक ढुलाई में रेल का स्टील रिवोल्यूशन: स्टेनलेस स्टील कंटेनरों से बदलेगा माल परिवहन का चेहरा

खुले वैगन से आगे बढ़ी रेल: नमक परिवहन में कंटेनर युग की शुरुआत

अहमदाबाद/भीमासर–गांधीधाम..भारतीय रेल ने माल ढुलाई के क्षेत्र में एक बड़ा तकनीकी कदम उठाते हुए नमक जैसे अत्यधिक संक्षारक थोक कार्गो के लिए स्टेनलेस स्टील कंटेनरों का पहला सफल ट्रायल पूरा कर लिया है। अहमदाबाद मंडल के भीमासर–गांधीधाम सेक्शन में हुए इस ट्रायल ने यह स्पष्ट कर दिया है कि भविष्य की माल परिवहन व्यवस्था अब खुले वैगनों से आगे निकल चुकी है।

अब तक नमक परिवहन में खुले वैगनों का इस्तेमाल किया जाता रहा है, जिससे जंग, सफाई, रिसाव और पर्यावरण प्रदूषण जैसी समस्याएं सामने आती थीं। लेकिन नए स्टेनलेस स्टील कंटेनरों ने इन सभी चुनौतियों को एक झटके में पीछे छोड़ दिया है।

लोडिंग में रफ्तार, संचालन में सटीकता

ट्रायल के दौरान कंटेनरों की लोडिंग पूरी तरह मशीनी और सुरक्षित तरीके से की गई। साइलो सिस्टम और पोकलेन मशीन की मदद से 15 मिनट से भी कम समय में एक कंटेनर पूरी तरह लोड किया गया। प्रत्येक कंटेनर में ऊपर की ओर बड़े आकार की दो ओपनिंग दी गई हैं, जिससे लोडिंग के दौरान किसी तरह की मानवीय जोखिम की जरूरत नहीं पड़ती।

अनलोडिंग में भी नया रिकॉर्ड

जहां लोडिंग तेज रही, वहीं अनलोडिंग ने भी ऑपरेशनल दक्षता का नया मानक स्थापित किया। हाइड्रॉलिक टिपर ट्रक से कंटेनर को झुकाकर 5 मिनट से कम समय में पूरा नमक खाली कर दिया गया। साइड डोर सिस्टम के कारण नमक बिना अटके बाहर निकल गया और किसी तरह की अतिरिक्त सफाई की जरूरत नहीं पड़ी।

पर्यावरण और परिचालन—दोनों को फायदा

करीब 3 टन वजन वाले इन स्टेनलेस स्टील कंटेनरों की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इन्हें किसी कोटिंग की जरूरत नहीं होती और मैनुअल वैगन क्लीनिंग पूरी तरह खत्म हो जाती है। इससे न सिर्फ समय और लागत की बचत होगी, बल्कि रेलवे के रखरखाव खर्च में भी भारी कमी आएगी। तेज़ टर्नअराउंड के चलते वैगनों की उपलब्धता बढ़ेगी और माल ढुलाई की क्षमता में सीधा इजाफा होगा।

भविष्य की माल ढुलाई की झलक

भीमासर–गांधीधाम सेक्शन में हुआ यह ट्रायल भारतीय रेल के लिए केवल एक प्रयोग नहीं, बल्कि कंटेनर आधारित, सुरक्षित और आधुनिक माल परिवहन की दिशा में ठोस शुरुआत माना जा रहा है। यह मॉडल आने वाले समय में अन्य संक्षारक और थोक कार्गो के लिए भी अपनाया जा सकता है।

Bhaskar Mishra

पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग 16 साल का अनुभव।विभिन्न माध्यमों से पत्रकारिता के क्षेत्र मे काम करने का अवसर मिला।यह प्रयोग अब भी जारी है।कॉलेज लाइफ के दौरान से पत्रकारिता से गहरा जुड़ाव हुआ।इसी दौरान दैनिक समय से जुडने का अवसर मिला।कहानी,कविता में विशेष दिलचस्पी ने पहले तो अधकचरा पत्रकार बनाया बाद में प्रदेश के वरिष्ठ और प्रणम्य लोगों के मार्गदर्शन में संपूर्ण पत्रकारिता की शिक्षा मिली। बिलासपुर में डिग्री लेने के दौरान दैनिक भास्कर से जु़ड़ा।2005-08 मे दैनिक हरिभूमि में उप संपादकीय कार्य किया।टूडे न्यूज,देशबन्धु और नवभारत के लिए रिपोर्टिंग की।2008- 11 के बीच ईटीवी हैदराबाद में संपादकीय कार्य को अंजाम दिया।भाग दौड़ के दौरान अन्य चैनलों से भी जुडने का अवसर मिला।2011-13 मे बिलासपुर के स्थानीय चैनल ग्रैण्ड न्यूज में संपादन का कार्य किया।2013 से 15 तक राष्ट्रीय न्यूज एक्सप्रेस चैनल में बिलासपुर संभाग व्यूरो चीफ के जिम्मेदारियों को निभाया। 1998-2000 के बीच आकाशवाणी में एनाउँसर-कम-कम्पियर का काम किया।वर्तमान में www.cgwall.com वेबपोर्टल में संपादकीय कार्य कर रहा हूं।
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