कैबिनेट का सामाजिक धमाका: पेंशन नीति में टूटी पुरानी दीवार, तलाकशुदा बेटियों को मिला हक
पेंशन पर बड़ा उलटफेर: सरकार ने तलाकशुदा बेटियों को दिया अधिकार

भोपाल…बजट सत्र से पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई मोहन कैबिनेट की बैठक में कई अहम और दूरगामी फैसलों पर मुहर लगी। सबसे बड़ा निर्णय पेंशन नीति 2026 को लेकर लिया गया, जिसके तहत अब पात्र परिवारों में तलाकशुदा बेटियों को भी पेंशन का अधिकार मिलेगा। यह फैसला सामाजिक सुरक्षा के दायरे को और व्यापक बनाने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
कैबिनेट बैठक के बाद MSME मंत्री चैतन्य कश्यप ने निर्णयों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बालाघाट को नक्सल मुक्त घोषित किया गया है और आगामी कृषि कैबिनेट की बैठक भी बालाघाट में आयोजित की जाएगी।
कृषि क्षेत्र में सरकार ने समर्थन मूल्य और उपार्जन को लेकर स्थिति स्पष्ट की। प्रदेश में 51 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान की खरीदी की जा चुकी है, जिसके लिए 1436 उपार्जन केंद्र बनाए गए। वहीं गेहूं का समर्थन मूल्य 2585 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है, जिसका पंजीयन 7 फरवरी से शुरू हो चुका है।
वन्यजीव संरक्षण को लेकर भी सरकार ने सकारात्मक संकेत दिए हैं। प्रदेश में चीतों की संख्या बढ़कर अब 24 हो गई है। वन्यजीव संरक्षण के साथ पर्यटन को बढ़ावा देने और नए रेस्क्यू सेंटर स्थापित करने पर भी बैठक में चर्चा हुई।
इसके अलावा पल्स मिशन को तेज गति से लागू करने और 19 मार्च को गुड़ी पड़वा को भव्य तरीके से मनाने के निर्देश भी मुख्यमंत्री ने दिए। कुल मिलाकर मोहन कैबिनेट के फैसले सामाजिक, कृषि और पर्यावरणीय मोर्चे पर सरकार की प्राथमिकताओं को स्पष्ट करते हैं।





