BUDGET 2026: युवाओं के लिए नई उम्मीद.. हर जिले में गर्ल्स हॉस्टल, 3 नए फार्मा संस्थान और 1 लाख स्वास्थ्य कर्मियों की ट्रेनिंग का बड़ा ऐलान
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने 9वें केंद्रीय बजट भाषण में शिक्षा और रोजगार के लिए बड़े ऐलान किए। उन्होंने देश में 7 नए आयुर्वेद इंस्टीट्यूट स्थापित करने की बात कही है। इसमें 3 नए ऑल इंडिया आयुर्वेद इंस्टीट्यूट प्रस्तावित हैं।

BUDGET 2026/दिल्ली: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में अपना 9वां बजट पेश करते हुए देश के शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार क्षेत्र के लिए घोषणाओं की झड़ी लगा दी है। ‘विकसित भारत’ की नींव को मजबूत करने के उद्देश्य से इस बजट में युवाओं के कौशल विकास और भविष्य की नौकरियों (Future Jobs) पर विशेष ध्यान दिया गया है।
शिक्षा के क्षेत्र में एक क्रांतिकारी कदम उठाते हुए वित्त मंत्री ने देश के हर जिले में कम से कम एक ‘गर्ल्स हॉस्टल’ खोलने का प्रस्ताव रखा है, जिससे ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों की छात्राओं के लिए उच्च शिक्षा की राह आसान होगी। इसके साथ ही, पूर्वोत्तर भारत (North East) की कला और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए वहां एक नए ‘डिजाइन संस्थान’ की स्थापना की जाएगी, जो स्थानीय प्रतिभाओं को वैश्विक मंच प्रदान करेगा।
फार्मास्यूटिकल सेक्टर में भारत की वैश्विक धाक जमाने के लिए बजट में 3 नए ‘राष्ट्रीय फार्मास्यूटिकल शिक्षा और अनुसंधान संस्थान’ (NIPER) खोलने और 7 मौजूदा संस्थानों को अपग्रेड करने का प्रस्ताव दिया गया है। यह पहल न केवल रिसर्च को बढ़ावा देगी, बल्कि 1000 मान्यता प्राप्त क्लिनिकल ट्रायल का एक विशाल नेटवर्क भी तैयार करेगी, जिससे भारत दवा निर्माण के साथ-साथ रिसर्च का भी हब बनेगा।
स्वास्थ्य के क्षेत्र में पारंपरिक चिकित्सा को महत्व देते हुए 7 नए आयुर्वेद संस्थान स्थापित किए जाएंगे, जिनमें 3 ‘ऑल इंडिया आयुर्वेद संस्थान’ शामिल होंगे। मानसिक स्वास्थ्य की बढ़ती जरूरतों को देखते हुए उत्तर भारत में दो नए ‘नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेंटल हेल्थ एंड न्यूरो साइंसेज’ (NIMHANS) की स्थापना और रांची के संस्थान को अपग्रेड करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है।
रोजगार और स्किलिंग के मोर्चे पर सरकार ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और आधुनिक तकनीक के साथ तालमेल बिठाने पर जोर दिया है। वित्त मंत्री ने बताया कि एक स्टैंडिंग कमेटी विशेष रूप से सर्विस सेक्टर, जॉब क्रिएशन और तकनीकी निर्यात पर ध्यान केंद्रित करेगी।
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स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए अगले 5 वर्षों में 1 लाख ‘एलाइड हेल्थ प्रोफेशनल्स’ को ट्रेनिंग दी जाएगी और वेलनेस व योग के लिए 1.5 लाख केयरगिवर्स तैयार किए जाएंगे। इसके अलावा, ऑप्टोमेट्री और एप्लाइड साइकोलॉजी जैसे 10 नए स्वास्थ्य विषय (Disciplines) शुरू किए जा रहे हैं, जो युवाओं के लिए करियर के नए रास्ते खोलेंगे।
डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए मुंबई के ‘इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिएटिव टेक्नोलॉजीज’ की मदद से 15,000 सेकेंडरी स्कूलों में कंटेंट लैब स्थापित की जाएंगी।
छोटे शहरों और कस्बों में पेशेवर कौशल को सुलभ बनाने के लिए सरकार एक अनूठी योजना पर काम कर रही है। इसके तहत ICAI, ICSI और ICMAI जैसे प्रतिष्ठित निकाय छोटे शहरों (टियर 2 और 3) के लिए शॉर्ट-टर्म मॉड्यूलर कोर्स और प्रैक्टिकल टूल तैयार करेंगे, ताकि वहां ‘कॉर्पोरेट मित्रों’ का एक बड़ा पूल बनाया जा सके।




