OMR Scam In 2019- साढ़े 4 साल तक फाइल दबाकर क्यों बैठे रहे?ओएमआर घोटाले पर मुख्यमंत्री का गहलोत पर सीधा हमला, युवाओं से किया बड़ा वादा
भजनलाल शर्मा ने युवाओं और नव मतदाताओं को आश्वस्त किया कि उनकी सरकार भ्रष्टाचार और पेपर लीक के मामलों में किसी को भी बख्शने वाली नहीं है।

OMR Scam In 2019/राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड (RSSB) में ओएमआर शीट में हेरफेर कर नंबर बढ़ाने के सनसनीखेज खुलासे के बाद प्रदेश की सियासत पूरी तरह गर्मा गई है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इस मामले को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और कांग्रेस पर तीखा प्रहार करते हुए आरोप लगाया है कि इस बड़े फर्जीवाड़े की जानकारी तत्कालीन सरकार को साल 2019 में ही मिल गई थी, लेकिन इसे जानबूझकर दबाया गया।
रविवार को राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर सांगानेर स्थित कैंप कार्यालय में नव मतदाताओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश पुलिस ने साल 2019 में ही इस गैंग का पर्दाफाश कर राजस्थान सरकार को सूचना दे दी थी, लेकिन विपक्ष के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री साढ़े चार साल तक इस मामले पर चुप्पी साधे रहे। उन्होंने सवाल किया कि यह उनकी कौन सी नैतिकता थी कि यूपी एसटीएफ की सूचना मिलने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई।
भजनलाल शर्मा ने युवाओं और नव मतदाताओं को आश्वस्त किया कि उनकी सरकार भ्रष्टाचार और पेपर लीक के मामलों में किसी को भी बख्शने वाली नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि वर्तमान सरकार मुकदमा दर्ज कर कड़ा रुख नहीं अपनाती, तो ओएमआर शीट बदलने वाले आरोपी कभी पकड़े ही नहीं जाते।OMR Scam In 2019
मुख्यमंत्री ने कड़े लहजे में कहा कि अब तक पेपर लीक और भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी करने वाले 400 से अधिक लोगों को सलाखों के पीछे भेजा जा चुका है और यह अभियान अभी थमा नहीं है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि भविष्य हो या अतीत, जिस किसी ने भी युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है, उसे किसी भी कीमत पर छोड़ा नहीं जाएगा और जांच की आंच वहां तक पहुंचेगी जहां तक जरूरत होगी।
इस पूरे विवाद की जड़ स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) की वह हालिया कार्रवाई है, जिसमें राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड के तकनीकी प्रमुख सहित 5 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। एसओजी की जांच में सामने आया है कि इस गैंग ने ओएमआर शीट में नंबर बढ़ाकर 38 अभ्यर्थियों को अवैध तरीके से सरकारी नौकरी दिलाई थी। पुलिस ने आरोपियों के पास से 60 लाख रुपये की नकदी और महत्वपूर्ण दस्तावेज भी बरामद किए हैं।
इस खुलासे के बाद पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी पलटवार किया था। गहलोत ने सोशल मीडिया पर लिखा कि यह फर्जीवाड़ा साल 2018 से पहले की भाजपा सरकार के समय से शुरू हुआ था और कर्मचारी चयन बोर्ड के जो कर्मचारी अब पकड़े गए हैं, वे लंबे समय से वहां तैनात थे।OMR Scam In 2019
गहलोत ने भाजपा सरकार पर इस मामले में राजनीति करने का आरोप लगाते हुए मांग की है कि इस पूरी अवधि में हुई सभी परीक्षाओं की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय मतदाता दिवस के मौके पर युवाओं को लोकतंत्र में उनके वोट की ताकत का अहसास भी कराया। उन्होंने कहा कि युवाओं को न केवल अपने मताधिकार का प्रयोग करना चाहिए, बल्कि राष्ट्र के प्रति अपने दायित्व को भी समझना चाहिए। उनके अनुसार, एक वोट केवल सरकार नहीं चुनता, बल्कि प्रदेश और देश के विकास की दिशा तय करता है।





