साय मंत्रिमंडल सहित दिल्ली में.. बृजमोहन की डिनर पॉलिटिक्स में सुगबुगाहटो के मायने ?

बिलासपुर (मनीष जायसवाल): प्रदेश में अभी शीत लहर चल रही है लेकिन सियासत में गर्माहट बनी हुई। क्योंकि बालोद में हुए स्काउट एंड गाइड की जंबूरी विवाद को लेकर भाजपा सांसद बृजमोहन अग्रवाल और स्कूल शिक्षा मंत्री बृजमोहन यादव आमने सामने है, निशाने पर बेपटरी बताई जा रही साय सरकार के क्रिया कलाप लगते हैं। बताते है कि बालोद में हुई जंबूरी मामले में भ्रष्टाचार को लेकर स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव बैक फुट पर नजर आए और बड़ी शालीनता से अपना पक्ष रखा लेकिन मामला अब न्यायालय में पहुंच गया।
वही 20 जनवरी को भाजपा के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव के सिलसिले में सीएम सहित मंत्रिमंडल के सदस्य एवं संगठन के प्रमुख नेता दिल्ली में है। इस बीच 19 जनवरी की शाम रायपुर के सांसद और पूर्व मंत्री बृज मोहन अग्रवाल के यहां शिष्टाचार भोज का आयोजन किया गया। डिनर पार्टी में प्रदेश के सभी बड़े नेता,मंत्री एवं स्कूल शिक्षा मंत्री यादव भी शामिल हुए। जंबूरी विवाद से बढ़े सियासी पारे को दिल्ली की कड़कडाती ठंड में डिनर डिप्लोमेसी के बहाने ठंडा करने की कवायद माना जा सकता है।वही सासंद बृज मोहन अग्रवाल के सूत्रों ने इसे शिष्टाचार भोज की परंपरा बताया।
मालूम हो बृजमोहन पहले कह चुके हैं ,प्रदेश में विपक्ष निस्तेज हो चुका है। जनता की भलाई के लिए सरकार को सुझाव देना जनप्रतिनिधि के नाते उनका कर्तव्य है। भारतीय जनता पार्टी की संगठन की रीति नीति हम आमरण पालन करते रहेंगे।
बहरहाल 45 वर्ष की आयु में नितिन नवीन का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना जाना साफ संकेत है भाजपा में लीडरशिप की शिफ्टिंग युवाओं को सौपी जा रही है।आने वाले दिनों में नए कलेवर की भाजपा में संगठनात्मक बदलाव की फेहरिस्त सामने आ सकती है।जिसका असर छत्तीसगढ़ में भी होगा और नया प्रदेश प्रभारी छत्तीसगढ़ को जल्द मिल सकेगा।
कयास है कि बजट सत्र के बाद अनुभवी विधायको और युवा मंत्रियों की संतुलित नई टीम होली के जाते जाते प्रदेश में दिखलाई पड़ सकती है।अगर ऐसा हुआ तो राज्य मंत्रिमंडल में किसकी एंट्री होगी और कौन बाहर होंगे इसको लेकर नई पुरानी अटकलों के साथ कुर्सी की भागम भाग का नया दौर फिर से चर्चा में रहेगा।
फिलहाल प्रदेश भाजपा के सभी वरिष्ठ नेता नितिन नबीन के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने पर बधाई देने में लगे हुए हैं, जो दिल्ली गए हैं, राष्ट्रीय अध्यक्ष बनते ही लगे हाथ बधाई दी, जो नहीं गए हैं, वे अब दिल्ली जाकर बधाई देने की तैयारी करने में लगे हुए हैं।
बताया जाता है कि प्रदेश भाजपा के नए प्रदेश प्रभारी का जिम्मा शीर्ष नेतृत्व द्वारा किसी अनुभवी नेता को ही सौंपा जा सकता है। क्योंकि आगामी तीन साल बाद चुनाव होना है।चूंकि छत्तीसगढ़ में मंत्रिमंडल का खाका प्रदेश प्रभारी नितिन नवीन,अजय जामवाल, संगठन महामंत्री पवन साय की तिकड़ी का तैयार किया हुआ है इसलिए निकट भविष्य में किसी भी प्रकार के फेरबदल के कयास बेमानी भी साबित हो सकते है। लेकिन भाजपा के बारे में कहा जाता है कि इनके अगले कदम को लेकर अक्सर भविष्यवाणियां फेल हो जाती है..!





