भालू का हमला, किसान लहूलुहान — वन विभाग की लापरवाही बेनकाब..ग्रामीणों में आक्रोश

बलरामपुर (पृथ्वी लाल केशरी).. सीतारामपुर गांव में खेत की ओर जा रहे 62 वर्षीय किसान गणेश यादव पर जंगल से भटकी मादा भालू ने हमला कर सिर पर गंभीर चोट पहुँचा दी। किसान खून से लथपथ हालत में खेत में तड़पता रहा, ग्रामीणों ने हिम्मत जुटाकर भालू को भगाया और घायल किसान को अस्पताल पहुँचाया। समय पर इलाज मिलने से किसान की जान तो बच गई, लेकिन इस हादसे ने पूरे गांव में दहशत और गुस्सा दोनों फैला दिए हैं।
ग्रामीणों का साफ आरोप है कि सेमरसोत अभयारण्य से भालुओं की लगातार आमद हो रही है, मगर वन विभाग आँख मूंदकर बैठा है। न तो सुरक्षा इंतज़ाम किए गए, न ही गांव वालों को पहले से कोई चेतावनी दी गई। हादसा होने के बाद ही वन अमला हरकत में आया।
सूचना मिलते ही वन मंडलाधिकारी आलोक बाजपेयी पहुँचे और औपचारिकता निभाते हुए तात्कालिक आर्थिक मदद का आश्वासन दिया। ग्रामीणों का कहना है कि वन विभाग सिर्फ घटना के बाद कागजी राहत बाँटकर अपना पल्ला झाड़ लेता है, जबकि जमीनी स्तर पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया जाता।
गांववालों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही वन्यजीव नियंत्रण और सुरक्षा की ठोस व्यवस्था नहीं की गई, तो वे आंदोलन के लिए मजबूर होंगे। किसान पर हुआ यह हमला वन विभाग की नाकामी का ताज़ा सबूत है, जिसने ग्रामीणों के भरोसे को पूरी तरह तोड़ दिया है।





