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टी.ई.टी.परीक्षा की अनिवार्यता के खिलाफ देश भर के शिक्षक हो रहे लामबंद,5 अक्टूबर को दिल्ली में होगी बैठक – केदार जैन

रायपुर । सुप्रीम कोर्ट की ओर से देश भर के समस्त शिक्षको के लिए टी.ई.टी.परीक्षा की अनिवार्यता को लेकर जारी आदेश के खिलाफ देश भर के शिक्षक एकजुट हो रहे हैं। इस निर्णय की वजह से शिक्षको पर पदोन्नति सहित सेवा समाप्ति का खतरा भी मंडराने लगा है..। शिक्षको का कहना है कि शिक्षक भर्ती के समय उनकी सेवा शर्तो में टेट की अनिवार्यता नही होने से नौकरी में आए प्राथमिक माध्यमिक संवर्ग के शिक्षको पर अब इतने वर्षों बाद टेट की बाध्यता लागू कर देना सर्वथा अनुचित है…!

इसके खिलाफ में पूरे देश के शिक्षक संगठनों ने अब एक होकर विरोध करने व माननीय उच्चतम न्यायालय में पुनर्विचार याचिका दाखिल करने का निर्णय लिया है। गत दिवस ऑनलाइन जूम मीटिंग के माध्यम से एकत्रित हुए जिसमे छत्तीसगढ़ के संयुक्त शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष केदार जैन सहित, बिहार,झारखंड,उत्तरप्रदेश, महाराष्ट्र,राजस्थान,मध्यप्रदेश,पश्चिम बंगाल,उड़ीसा,दिल्ली,सहित अन्य राज्यो के शिक्षक संगठनों के प्रांताध्यक्षों ने बैठक में निर्णय लिया है कि 5 अक्टूबर को देश की राजधानी दिल्ली में बैठक कर राष्ट्रीय स्तर पर एक साथ शिक्षक आंदोलन की व्यापक रणनीति बनाई जाएगी।

बैठक के पश्चात 6 अक्टूबर को NCTE को दिल्ली में ही ज्ञापन सौंपा भी जाएगा।इस विषय की जानकारी देते हुए छत्तीसगढ़ प्रदेश संयुक्त शिक्षक संघ के मीडिया प्रभारी अमित दुबे और कमलेश गावड़े ने बताया कि संयुक्त शिक्षक संघ के प्रान्तध्यक्ष केदार जैन जो कि स्वयं माध्यमिक शाला के शिक्षक हैं उन्होंने छत्तीसगढ़  के  समस्त माध्यमिक प्राथमिक शिक्षकों के संगठित प्रांताध्यक्षों से अपील किया है कि वे सभी 5 अक्टूबर के दिल्ली में होने वाली राष्ट्रीय शिक्षक संघो की बैठक में शामिल होकर शिक्षक हित में एकजुटता के सहभागी बने।

Chief Editor

छत्तीसगढ़ के ऐसे पत्रकार, जिन्होने पत्रकारिता के सभी क्षेत्रों में काम किया 1984 में ग्रामीण क्षेत्र से संवाददाता के रूप में काम शुरू किया। 1986 में बिलासपुर के दैनिक लोकस्वर में उपसंपादक बन गए। 1987 से 2000 तक दिल्ली इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप के राष्ट्रीय अखबार जनसत्ता में बिलासपुर संभाग के संवाददाता के रूप में सेवाएं दीं। 1991 में नवभारत बिलासपुर में उपसंपादक बने और 2003 तक सेवाएं दी। इस दौरान राजनैतिक विश्लेषण के साथ ही कई चुनावों में समीक्षा की।1991 में आकाशवाणी बिलासपुर में एनाउँसर-कम्पियर के रूप में सेवाएं दी और 2002 में दूरदर्शन के लिए स्थानीय साहित्यकारों के विशेष इंटरव्यू तैयार किए ।1996 में बीबीसी को भी समाचार के रूप में सहयोग किया। 2003 में सहारा समय रायपुर में सीनियर रिपोर्टर बने। 2005 में दैनिक हरिभूमि बिलासपुर संस्करण के स्थानीय संपादक बने। 2009 से स्वतंत्र पत्रकार के रूप में बिलासपुर के स्थानीय न्यूज चैनल ग्रैण्ड के संपादक की जिम्मेदारी निभाते रहे । छत्तीसगढ़ और स्थानीय खबरों के लिए www.cgwall.com वेब पोर्टल शुरू किया। इस तरह अखबार, रेडियो , टीवी और अब वेबमीडिया में काम करते हुए मीडिया के सभी क्षेत्रों में अपनी अलग पहचान बनाई है।
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