74 दिन, धूल, धूप और संघर्ष: लिंगियाडीह की महिलाएं धरने पर, शासन-प्रशासन अब भी मौन
धूल में बैठी इंसाफ़ की पुकार: 130 परिवारों के हक़ के लिए 74 दिन से संघर्षरत महिलाएं

बिलासपुर..लिंगियाडीह बचाओ धरना आंदोलन को आज 74 दिन पूरे हो गए। सैकड़ों महिलाएं लगातार धरना स्थल पर बैठी हैं, लेकिन अब तक नगर निगम का कोई भी अधिकारी या कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा है। शासन और प्रशासन की ओर से भी किसी तरह की आधिकारिक पहल सामने नहीं आई है।
धरना आंदोलन उन 130 परिवारों से जुड़ा है, जिनके बेघर होने की आशंका जताई जा रही है। आंदोलनकारियों की मांग है कि किसी भी कार्रवाई से पहले व्यवस्थापन किया जाए और प्रभावित परिवारों को आवास पट्टा दिया जाए। मांगें जस की तस बनी हुई हैं, जबकि धरना लगातार जारी है।
निगम के खिलाफ बढ़ता विरोध
धरना स्थल पर मौजूद महिलाओं का कहना है कि वे 74 दिनों से खुले में बैठी हैं। बावजूद इसके नगर निगम की ओर से कोई संवाद, निरीक्षण या लिखित आश्वासन नहीं दिया गया है। इसी कारण धरना आंदोलन में लगातार नए लोग जुड़ते जा रहे हैं।
सर्वदलीय और सामाजिक संगठनों की मौजूदगी
धरना आंदोलन को विभिन्न सामाजिक संगठनों के साथ-साथ कांग्रेस, बसपा, कम्युनिस्ट पार्टी, आम आदमी पार्टी, छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना और जन चेतना पार्टी का समर्थन मिल रहा है। अलग-अलग दिनों में इन संगठनों के पदाधिकारी धरना स्थल पर पहुंचकर समर्थन जता चुके हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, विधायक अटल श्रीवास्तव और दिलीप लहरिया सहित अन्य जनप्रतिनिधि भी धरना स्थल पर पहुंच चुके हैं और आंदोलन के समर्थन में अपनी उपस्थिति दर्ज करा चुके हैं।
74वें दिन भी महिलाओं की भारी मौजूदगी
आज 74वें दिन भी बड़ी संख्या में महिला समूह धरना स्थल पर पहुंचे। आंदोलन में महिलाओं की भागीदारी लगातार बनी हुई है। धरना स्थल पर सर्वदलीय महाधरना के रूप में बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
धरना आंदोलन फिलहाल जारी है और आगे की रणनीति को लेकर आंदोलनकारी एकजुट बने हुए हैं।





