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Bilaspur

एक माह, सौ मोबाइल: बिलासपुर पुलिस की सधी कार्रवाई

तकनीक के सहारे राहत: 100 मोबाइल स्वामियों तक पहुंचे

बिलासपुर…मोबाइल गुम होने के बाद उसे वापस पाने की उम्मीद अक्सर खत्म हो जाती है, लेकिन बिलासपुर पुलिस के ‘अर्पण’ अभियान ने इस धारणा को तोड़ा है। जिले के अलग–अलग थाना क्षेत्रों से प्राप्त शिकायतों पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने एक माह के भीतर 100 गुम मोबाइल फोन बरामद कर उनके वास्तविक स्वामियों को सौंपे। बरामद मोबाइलों की अनुमानित कीमत करीब 2 लाख रुपये आंकी गई है।

पुलिस के अनुसार, गुम मोबाइलों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए प्राप्त आवेदनों की सूची तैयार की गई और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर शहर ही नहीं, बल्कि जिले से सटे अन्य जिलों और दूसरे राज्यों तक सक्रिय मोबाइलों को ट्रेस कर बरामद किया गया। कई मोबाइल दूरस्थ क्षेत्रों और अन्य प्रदेशों में चालू पाए गए हैं, जिनकी वापसी के लिए अलग-अलग स्तर पर कार्रवाई जारी है।

मोबाइल वितरण कार्यक्रम में करीब 160 लोग उपस्थित रहे, जिनमें अधिकांश ऐसे थे जिन्होंने मोबाइल मिलने की उम्मीद लगभग छोड़ दी थी।

कार्यक्रम के दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर उमेश पटेल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यातायात रामगोपाल करियरे, नगर पुलिस अधीक्षक निमितेश सिंह, प्रभारी एसीसीयू हेमंत आदित्य और साइबर एक्सपर्ट उप निरीक्षक प्रभाकर तिवारी ने डिजिटल अरेस्ट, वीडियो कॉलिंग के जरिए ब्लैकमेलिंग, व्हाट्सएप डीपी बदलकर ठगी, फर्जी कस्टमर केयर, ऑनलाइन लोन एप, बिटकॉइन और टूरिज्म प्लान के नाम पर हो रही ठगी जैसे नए साइबर अपराधों के तरीकों की जानकारी दी और उनसे बचाव के उपाय साझा किए।

पुलिस कप्तान का बयान

उप पुलिस महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बिलासपुर रजनेश सिंह ने कहा—

“गुम मोबाइल सिर्फ एक डिवाइस नहीं होता, उसमें व्यक्ति की निजी और जरूरी जानकारी होती है। हमारी प्राथमिकता है कि तकनीक का उपयोग कर आम नागरिक की इस समस्या का समाधान किया जाए। ‘अर्पण’ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।”

इस अभियान को सफल बनाने में एसीसीयू और जिले के सभी थानों की संयुक्त टीम की भूमिका रही, जिन्होंने फील्ड और तकनीकी स्तर पर समन्वय बनाकर गुम संपत्ति को उसके वास्तविक मालिक तक पहुंचाया।

Bhaskar Mishra

पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग 16 साल का अनुभव।विभिन्न माध्यमों से पत्रकारिता के क्षेत्र मे काम करने का अवसर मिला।यह प्रयोग अब भी जारी है।कॉलेज लाइफ के दौरान से पत्रकारिता से गहरा जुड़ाव हुआ।इसी दौरान दैनिक समय से जुडने का अवसर मिला।कहानी,कविता में विशेष दिलचस्पी ने पहले तो अधकचरा पत्रकार बनाया बाद में प्रदेश के वरिष्ठ और प्रणम्य लोगों के मार्गदर्शन में संपूर्ण पत्रकारिता की शिक्षा मिली। बिलासपुर में डिग्री लेने के दौरान दैनिक भास्कर से जु़ड़ा।2005-08 मे दैनिक हरिभूमि में उप संपादकीय कार्य किया।टूडे न्यूज,देशबन्धु और नवभारत के लिए रिपोर्टिंग की।2008- 11 के बीच ईटीवी हैदराबाद में संपादकीय कार्य को अंजाम दिया।भाग दौड़ के दौरान अन्य चैनलों से भी जुडने का अवसर मिला।2011-13 मे बिलासपुर के स्थानीय चैनल ग्रैण्ड न्यूज में संपादन का कार्य किया।2013 से 15 तक राष्ट्रीय न्यूज एक्सप्रेस चैनल में बिलासपुर संभाग व्यूरो चीफ के जिम्मेदारियों को निभाया। 1998-2000 के बीच आकाशवाणी में एनाउँसर-कम-कम्पियर का काम किया।वर्तमान में www.cgwall.com वेबपोर्टल में संपादकीय कार्य कर रहा हूं।
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