एक शाम, तीन दोस्त… और अंत में एक लाश — सकरी में हत्या का सनसनीखेज खुलासा
पहले साथ बैठे, फिर बन गए कातिल — शराब के बीच खत्म हुई दोस्ती

बिलासपुर.. सकरी थाना क्षेत्र में एक मामूली विवाद ने खौफनाक मोड़ ले लिया, जहां दोस्ती ही जानलेवा साबित हुई। शराब के नशे में शुरू हुआ विवाद इतना बढ़ा कि दो सगे भाइयों ने मिलकर अपने ही साथी की जान ले ली। पुलिस ने इस सनसनीखेज हत्या मामले में फरार दोनों आरोपियों को 48 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया।
शराब पार्टी से झगड़ा, पीपल पेड़ के नीचे हत्या
घटना 14 मार्च की है, जब आरोपी राकेश कौशिक उर्फ छोटू और उसका भाई गणेश कौशिक, मृतक सतीश कौशिक के साथ सकरी शराब भट्टी पहुंचे। वहां तीनों ने शराब पी और फिर खेत की ओर जाकर पीपल पेड़ के पास बैठकर पीना जारी रखा।
नशे के बीच कहासुनी शुरू हुई, जो गाली-गलौच में बदल गई। विवाद बढ़ा तो दोनों भाइयों ने मिलकर सतीश पर हमला कर दिया। मारपीट के दौरान उसे जमीन पर गिरा दिया गया, जिससे सिर और चेहरे पर गंभीर चोट आई और मौके पर ही उसकी मौत हो गई।
हत्या के बाद ससुराल में छिपे आरोपी
वारदात के बाद दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए और अलग-अलग जगहों पर छिपते रहे। पुलिस को चकमा देने की कोशिश में वे अपने ससुराल मेण्ड्रा में छिपे हुए थे और बाहर भागने की फिराक में थे।
मुस्तैदी से घेराबंदी, रात में दबोचे गए आरोपी
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर थाना सकरी पुलिस ने सक्रियता दिखाई। थाना प्रभारी निरीक्षक विजय चौधरी के नेतृत्व में टीम गठित की गई और बीट आरक्षकों को अलर्ट किया गया।
सूचना मिली कि दोनों आरोपी ग्राम पांड क्षेत्र में देखे गए हैं। इसके बाद पुलिस टीम ने घेराबंदी कर मेण्ड्रा क्षेत्र से दोनों को दबोच लिया। इस कार्रवाई में बीट आरक्षक आशीष शर्मा, अफाक खान और अनुप नेताम की भूमिका अहम रही।
पूछताछ में पूरी कहानी आई सामने
गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में दोनों आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उन्होंने बताया कि शराब के नशे में हुए विवाद के दौरान ही गुस्से में आकर उन्होंने सतीश की पिटाई की, जिससे उसकी मौत हो गई।
पुलिस कार्रवाई, 48 घंटे में केस सुलझा
मामले में अपराध क्रमांक 254/2026 के तहत प्रकरण दर्ज कर कार्रवाई की गई। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देश और पुलिस टीम की मुस्तैदी से यह मामला महज दो दिनों में सुलझा लिया गया।





