“संघर्ष की विरासत और इतिहास का पुनर्पाठ: सहजानंद जयंती पर होगा गंभीर वैचारिक संवाद
“जब सहजानंद के विचारों पर बोलेगा शोध का स्वर, जयंती बनेगी वैचारिक संवाद”

बिलासपुर.. रविवार 22 फरवरी को सुबह 10:30 बजे महमंद स्थित भवन में स्वामी सहजानंद सरस्वती की जन्म जयंती पर समारोह आयोजित होगा। कार्यक्रम में उनके जीवन-संघर्ष, किसान आंदोलन में नेतृत्व और स्वतंत्रता संग्राम में वैचारिक योगदान पर केंद्रित विमर्श होगा।
समारोह के मुख्य अतिथि और प्रमुख वक्ता वाराणसी के प्रख्यात साहित्यकार एवं समाजसेवी डॉ. राघवशरण शर्मा होंगे। स्वतंत्रता आंदोलन, किसान संघर्ष और सामाजिक इतिहास पर उनका शोधपरक लेखन व्यापक रूप से चर्चित रहा है। उनकी प्रमुख कृतियों में स्वामी सहजानंद सरस्वती रचनावली, आचार्य नरेन्द्र देव रत्नावली, जंगे आजादी में मुस्लिम समाज, शहीद भगत सिंह: अनछुए पहलू, किसान आंदोलन का संक्षिप्त इतिहास, क्रांति और संयुक्त मोर्चा, महानायक सुभाषचंद्र बोस, युग पुरुष डॉ. श्रीकृष्ण सिंह, किसान पाठशाला और मेरा जीवन संघर्ष शामिल हैं। इन पुस्तकों के माध्यम से उन्होंने किसान आंदोलनों की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और स्वतंत्रता संग्राम की वैचारिक विविधता को दस्तावेज़ी आधार दिया है।
आयोजन की जानकारी देते हुए उपाध्यक्ष अभय नारायण राय ने बताया कि जयंती समारोह को इस वर्ष विचार और जनसेवा से जोड़ा गया है, ताकि स्वामी सहजानंद के जीवन-दर्शन को नई पीढ़ी तक पहुंचाया जा सके। कार्यक्रम की अध्यक्षता आर.पी. सिंह करेंगे। विभिन्न क्षेत्रों के वरिष्ठजन, जनप्रतिनिधि, चिकित्सक और नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहेंगे।
निःशुल्क नेत्र परीक्षण शिविर
जयंती समारोह के साथ दोपहर 12 बजे से महमंद सुखवा तालाब के पास स्थित भवन में निःशुल्क नेत्र जांच एवं परामर्श शिविर आयोजित होगा। शहर के नेत्र विशेषज्ञ डॉ. ललित माखीजा और उनकी टीम आंखों की जांच, मोतियाबिंद परीक्षण, चश्मे के नंबर की सटीक जांच तथा आवश्यक परामर्श प्रदान करेगी।
आयोजन समिति ने नागरिकों से कार्यक्रम में सहभागिता और स्वास्थ्य शिविर का लाभ लेने की अपील की है।





