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जेम पोर्टल खरीदी में करोड़ों की गड़बड़ी का खुलासा..अटल विश्वविद्यालय के तत्कालीन कुलसचिव शैलेन्द्र दुबे पर गिरी गाज.. शिक्षा जगत में हडकंप

खरीदी का बड़ा खेल उजागर, तत्कालीन कुलसचिव शैलेन्द्र दुबे निलंबित

बिलासपुर… उच्च शिक्षा विभाग ने बड़ा प्रशासनिक फैसला लेते हुए अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय के तत्कालीन कुलसचिव शैलेन्द्र दुबे को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। जेम पोर्टल के माध्यम से सामग्री खरीदी में कथित करोड़ों की अनियमितता सामने आने के बाद शासन ने यह कार्रवाई की।

नियमों को दरकिनार कर खरीदी का आरोप

प्राथमिक जांच में संकेत मिला कि छत्तीसगढ़ भंडार क्रय नियम 2002 संशोधित 2025 के प्रावधानों की अनदेखी करते हुए विश्वविद्यालय मद से बड़ी राशि खर्च की गई। आरोप है कि 15 अप्रैल 2025 को बिना नियमित निविदा प्रक्रिया अपनाए L1 पद्धति के नाम पर एक करोड़ से अधिक की सामग्री खरीदी गई। एक ही दिन में जांजगीर की तीन फर्मों—सागर इंडस्ट्रीज, सिंघानिया ग्रुप ऑफ इंडस्ट्रीज और ओशन एंटरप्राइज—को कुल 26 क्रय आदेश जारी हुए। बाद की तिथियों में भी इन्हीं फर्मों को कार्यादेश मिलने की जानकारी सामने आई है।

जांच में यह भी सवाल उठा कि संबंधित फर्मों का स्वामित्व आपस में जुड़ा हुआ तो नहीं। यदि ऐसा पाया जाता है तो प्रतिस्पर्धी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गंभीर प्रश्न खड़े होंगे।

विभागीय जांच अलग से चलेगी

शासन ने छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमों के तहत निलंबन आदेश जारी किया। निलंबन अवधि में मुख्यालय क्षेत्रीय अपर संचालक, उच्च शिक्षा कार्यालय निर्धारित किया गया है। साथ ही विस्तृत विभागीय जांच संचालित होगी, जिसमें वित्तीय स्वीकृतियों, प्रक्रिया और भुगतान की परत-दर-परत पड़ताल की जाएगी।

नियुक्तियों और प्रशासनिक निर्णयों पर सवाल

मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन के अन्य निर्णय भी चर्चा में आए हैं। छात्रों के एक वर्ग ने प्रशासनिक और वित्तीय प्रक्रियाओं में पारदर्शिता की मांग उठाई है। कुलपति कार्यालय से जुड़े कुछ निर्णयों और नियुक्तियों पर भी सवाल खड़े हुए, जिन्हें जांच के दायरे में लिया जा सकता है।

शासन का सख्त संदेश

उच्च शिक्षा विभाग ने स्पष्ट संकेत दिया है कि जेम पोर्टल के माध्यम से होने वाली खरीदी में किसी भी तरह की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पारदर्शिता और प्रतिस्पर्धा की मूल भावना से समझौता करने वाले अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई होगी।

विश्वविद्यालय परिसर में इस कार्रवाई के बाद हलचल तेज है। अब सबकी नजर विभागीय जांच पर टिकी है—क्या आरोप प्रमाणित होंगे, और यदि हुए तो आगे कितनी बड़ी कार्रवाई होगी।

Bhaskar Mishra

पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग 16 साल का अनुभव।विभिन्न माध्यमों से पत्रकारिता के क्षेत्र मे काम करने का अवसर मिला।यह प्रयोग अब भी जारी है।कॉलेज लाइफ के दौरान से पत्रकारिता से गहरा जुड़ाव हुआ।इसी दौरान दैनिक समय से जुडने का अवसर मिला।कहानी,कविता में विशेष दिलचस्पी ने पहले तो अधकचरा पत्रकार बनाया बाद में प्रदेश के वरिष्ठ और प्रणम्य लोगों के मार्गदर्शन में संपूर्ण पत्रकारिता की शिक्षा मिली। बिलासपुर में डिग्री लेने के दौरान दैनिक भास्कर से जु़ड़ा।2005-08 मे दैनिक हरिभूमि में उप संपादकीय कार्य किया।टूडे न्यूज,देशबन्धु और नवभारत के लिए रिपोर्टिंग की।2008- 11 के बीच ईटीवी हैदराबाद में संपादकीय कार्य को अंजाम दिया।भाग दौड़ के दौरान अन्य चैनलों से भी जुडने का अवसर मिला।2011-13 मे बिलासपुर के स्थानीय चैनल ग्रैण्ड न्यूज में संपादन का कार्य किया।2013 से 15 तक राष्ट्रीय न्यूज एक्सप्रेस चैनल में बिलासपुर संभाग व्यूरो चीफ के जिम्मेदारियों को निभाया। 1998-2000 के बीच आकाशवाणी में एनाउँसर-कम-कम्पियर का काम किया।वर्तमान में www.cgwall.com वेबपोर्टल में संपादकीय कार्य कर रहा हूं।
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