गड़ा धन निकालने और शर्तिया इलाज के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश
यह पूरा मामला अक्टूबर 2025 में शुरू हुआ था, जब ग्राम खैरा (पाटन) निवासी कमल साहू की मुलाकात लटुवा रोड पुलिया के पास लगे एक कथित आयुर्वेदिक कैंप में इन आरोपियों से हुई थी। जालसाजों ने कमल को विभिन्न शारीरिक बीमारियों से पूरी तरह ठीक करने का भरोसा दिलाया और साथ ही यह दावा भी किया कि उसके खेत में 'सोना-चांदी का हंडा' गड़ा हुआ है। गड़े हुए धन को निकालने का लालच देकर आरोपियों ने कमल को अपने जाल में फंसा लिया।

बलौदाबाजार /बलौदाबाजार की सिटी कोतवाली पुलिस ने ‘गड़ा धन’ निकालने और गंभीर बीमारियों के ‘शर्तिया इलाज’ का झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस मामले में महाराष्ट्र के रहने वाले दो शातिर ठगों और एक नाबालिग को हिरासत में लिया है।
इन जालसाजों ने आयुर्वेदिक कैंप की आड़ में एक व्यक्ति को अपनी बातों में फंसाया और तंत्र-मंत्र व पूजा-पाठ के नाम पर करीब 13.74 लाख रुपये और सोने के जेवर ऐंठ लिए। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से न केवल पीड़ित को न्याय की उम्मीद जगी है, बल्कि अंधविश्वास फैलाकर लूटने वाले गिरोहों को भी कड़ा संदेश मिला है।
यह पूरा मामला अक्टूबर 2025 में शुरू हुआ था, जब ग्राम खैरा (पाटन) निवासी कमल साहू की मुलाकात लटुवा रोड पुलिया के पास लगे एक कथित आयुर्वेदिक कैंप में इन आरोपियों से हुई थी। जालसाजों ने कमल को विभिन्न शारीरिक बीमारियों से पूरी तरह ठीक करने का भरोसा दिलाया और साथ ही यह दावा भी किया कि उसके खेत में ‘सोना-चांदी का हंडा’ गड़ा हुआ है। गड़े हुए धन को निकालने का लालच देकर आरोपियों ने कमल को अपने जाल में फंसा लिया।
इसके बाद पूजा-पाठ और तंत्र-मंत्र की सामग्री के नाम पर उन्होंने पीड़ित से अलग-अलग किस्तों में कुल 13,74,000 रुपये नकद और एक तोला सोने का आभूषण ले लिया। जब काफी समय बीतने के बाद भी न तो बीमारी ठीक हुई और न ही कोई खजाना मिला, तब पीड़ित को ठगी का अहसास हुआ और उसने पुलिस में मामला दर्ज कराया।
पुलिस अधीक्षक भावना गुप्ता के दिशा-निर्देशन में सिटी कोतवाली पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष टीम का गठन किया। तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिरों की सूचना के आधार पर पुलिस ने आरोपियों का पीछा किया और आखिरकार उत्तर बस्तर कांकेर के ग्राम जामगांव से तीन लोगों को घेराबंदी कर पकड़ा।
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने ठगी की इस पूरी साजिश में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान महाराष्ट्र निवासी नानसिंग चितोडिय़ा और सूरज सिंह चितोडिय़ा के रूप में हुई है, जबकि उनके साथ एक नाबालिग भी इस अपराध में शामिल था।
पुलिस ने कार्रवाई के दौरान आरोपियों के कब्जे से ठगी की गई राशि में से 4,80,000 रुपये नकद, सोने के आभूषण और अपराध में इस्तेमाल की गई सफेद रंग की कार (क्रमांक सीजी 11 ई 4500) बरामद की है। तीनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर 23 जनवरी को उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।




