घर का चिराग बुझा: 4 बच्चों के पिता का जंगल में पेड़ से लटका मिला शव, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
सूचना मिलते ही रजगामार चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। मृतक के पिता बुधराम धनवार ने भारी मन से बताया कि गोपी राम ही पूरे परिवार का पेट पालता था। वह खेती-किसानी के साथ-साथ मजदूरी भी करता था। उसके परिवार में पत्नी लगनु कुंवर, तीन बेटियां और एक छोटा बेटा है, जिनके सिर से अब पिता का साया उठ गया है।

कोरबा। रजगामार चौकी क्षेत्र के नवाडीह गांव में उस वक्त मातम पसर गया, जब बुधवार शाम से लापता एक किसान का शव गांव के पास ही जंगल में पेड़ से लटका मिला। 32 वर्षीय यह किसान अपने पीछे पत्नी और चार छोटे बच्चों को छोड़ गया है और वही परिवार का इकलौता सहारा था। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, किसान पिछले कुछ समय से गंभीर मानसिक बीमारी से जूझ रहा था।
काम पर जाने की कहकर घर से निकले, फिर नहीं लौटे
घटना रजगामार चौकी क्षेत्र के नवाडीह गांव की है। मृतक की पहचान गोपी राम धनवार (32 वर्ष) के रूप में हुई है। बुधवार शाम को जब वह घर से निकले, तो परिवार को लगा कि वह रोज की तरह काम पर गए होंगे। लेकिन जब देर रात तक वापस नहीं लौटे, तो परिवार की चिंता बढ़ गई और उन्होंने खोजबीन शुरू कर दी। अगले दिन जंगल में उनका शव एक पेड़ पर फांसी के फंदे से लटका मिला, जिसे देख ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई।
मानसिक बीमारी से चल रहा था इलाज
सूचना मिलते ही रजगामार चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। मृतक के पिता बुधराम धनवार ने भारी मन से बताया कि गोपी राम ही पूरे परिवार का पेट पालता था। वह खेती-किसानी के साथ-साथ मजदूरी भी करता था। उसके परिवार में पत्नी लगनु कुंवर, तीन बेटियां और एक छोटा बेटा है, जिनके सिर से अब पिता का साया उठ गया है।
पिता ने यह भी बताया कि गोपी राम कुछ समय से मानसिक बीमारी से पीड़ित था। उसकी अजीब हरकतों के कारण परिवार वाले उसका डॉक्टरी इलाज कराने के साथ-साथ झाड़-फूंक का भी सहारा ले रहे थे। उन्होंने कहा, “हालांकि, हाल के दिनों में उसकी हालत में सुधार दिख रहा था और वह नियमित रूप से काम पर भी जा रहा था, लेकिन अचानक उसने यह कदम क्यों उठा लिया, यह समझ से परे है।”
पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला मेडिकल कॉलेज भेज दिया है और मामले की जांच कर रही है। इस घटना ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है।










