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भाजपा विधायक के समर्थकों पर शिक्षा निदेशक से मारपीट करने का आरोप

देहरादून/ देहरादून में प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय में स्कूल का नाम बदलने को लेकर शनिवार को रायपुर क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधायक उमेश शर्मा ‘काऊ’ के समर्थकों द्वारा शिक्षा निदेशक अजय कुमार नौडियाल से कथित तौर पर मारपीट की गई, जिससे वह घायल हो गए।

निदेशक के कमरे में कुर्सियां फेंकी गईं, जिससे अराजकता फैल गई। नौडियाल की आंख के पास चोट लगी है और उन्हें अस्पताल ले जाया गया।

बाद में, नौडियाल की तहरीर पर रायपुर पुलिस थाने में विधायक और उनके समर्थकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया।

इस घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है।

नौडियाल ने बताया कि विधायक एक प्राथमिक स्कूल का नाम बदलने के संबंध में जानकारी लेने आए थे और जब उन्होंने बताया कि मामला शासन स्तर पर लंबित है, तो विधायक और उनके समर्थक भड़क गए व मारपीट शुरू कर दी।

यह पूछे जाने पर कि उनके स्टाफ ने विधायक को कमरे में बंद कर दिया था, नौडियाल ने कहा कि विधायक ने स्वयं कमरा बंद किया था।

विधायक उमेश शर्मा ने मारपीट के आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि वीडियो में देखा जा सकता है कि वह बैठे हुए थे और लोगों को समझा रहे थे।

उन्होंने कहा कि स्कूल बनाने के लिए एक परिवार ने अपनी जमीन निशुल्क दी थी और वह चाहते थे कि स्कूल का नाम उनके बुजुर्ग पदमसिंह रावत के नाम पर रखा जाए।

विधायक ने कहा कि परिवार इसे लेकर पिछले सात-आठ माह से स्कूल तथा निदेशालय के चक्कर काट रहा है।

शर्मा ने कहा कि नौडियाल ने परिवार को बताया था कि उन्होंने इस संबंध में शासन को चिट्ठी भेज दी है, लेकिन जब उन्होंने प्रारंभिक शिक्षा सचिव से पूछा, तो सचिव ने कोई फाइल होने से इनकार कर दिया।

विधायक ने कहा कि वह अधिकारी के कार्यालय गए और चिट्ठी की प्रति मांगी। उन्होंने दावा किया कि अधिकारी ने चिट्ठी देने के बजाय अपने कमरे में कुछ लोग बुला लिए, जिसके बाद मारपीट शुरू हुई।

उन्होंने आरोप लगाया कि उनके साथ गनर थे और अगर वे लोग उन्हें न रोकते तो उन पर भी हमला हो सकता था।

अधिकारी को लगी चोट के बारे में शर्मा ने कहा, ‘‘चोट के बारे में तो वे लोग बताएंगे, जिन्होंने मारा है क्योंकि हम तो रोक रहे थे। वे (हमलावर) कर्मचारी हैं या वो लोग हैं जो उनके साथ ही बैठे रहते हैं।’’

विधायक ने कहा कि जब जांच होगी तो सब सामने आ जाएगा।

मुख्य विपक्षी कांग्रेस ने इस घटना की निंदा करते हुए कहा कि प्रदेश में अराजकता का माहौल बन गया है और भाजपा के अंदर आपसी टकराव हो रहा है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा, ‘‘जिस अधिकारी को पीटा गया है, वह शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत के बहुत करीबी हैं। इसी कारण विधायक और इस अधिकारी के बीच नोकझोंक हुई। भाजपा के अंदर यह स्थिति है कि लोग एक दूसरे को देखना पसंद नहीं कर रहे हैं।’’

उन्होंने कहा कि निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।

भाजपा ने भी घटना को ‘दुर्भाग्यपूर्ण’ बताते हुए निंदा की।

भाजपा की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा कि पार्टी अराजकता और हिंसा के खिलाफ है और आरोपी विधायक से मामले में जवाब तलब किया जाएगा।

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