17 जनवरी के एक दिवसीय आंदोलन को सर्व शिक्षक संघ का समर्थन, शिक्षक संगठनों ने दिखाई एकजुटता

रायपुर: छत्तीसगढ़ में शिक्षकों की जायज़ मांगों को लेकर सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक फेडरेशन द्वारा 17 जनवरी को आयोजित एक दिवसीय आंदोलन को आज सर्व शिक्षक संघ का व्यापक समर्थन प्राप्त हुआ। शिक्षक संगठनों के इस समर्थन से यह स्पष्ट हो गया है कि शिक्षक समाज अब अपने अधिकारों को लेकर एकजुट होकर संघर्ष के लिए तैयार है।
सर्व शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप पाण्डेय ने प्रांतीय पदाधिकारियों एवं सभी जिलाध्यक्षों से चर्चा के बाद 17 जनवरी के आंदोलन को समर्थन देने का निर्णय लिया। उन्होंने संगठन के सभी पदाधिकारियों और सदस्यों से आंदोलन में सक्रिय रूप से शामिल होने का आह्वान किया।
इस संबंध में प्रदीप पाण्डेय ने कहा कि संगठन हमेशा कर्मचारी हितों की आवाज़ उठाता रहा है। वेतन विसंगति दूर करना और पूर्व सेवा गणना करते हुए समस्त लाभ दिलाना लंबे समय से संगठन की प्रमुख मांग रही है। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन किसी एक संगठन का नहीं, बल्कि पूरे शिक्षक समाज की सामूहिक आवाज़ है। वर्षों से लंबित चार प्रमुख मांगों को लेकर आवश्यकता पड़ने पर साझा मंच बनाकर रणनीतिक रूप से संघर्ष किया जाएगा।
सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक फेडरेशन के अध्यक्ष रविन्द्र राठौर ने कहा कि यदि मांगें पूरी नहीं होती हैं, तो शिक्षकों की लंबित चार प्रमुख मांगों को लेकर सुनियोजित रणनीति के तहत संघर्ष को और तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार की उपेक्षा और टालमटोल की नीति के कारण शिक्षक आंदोलन के लिए मजबूर हुए हैं।
सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक फेडरेशन छत्तीसगढ़ द्वारा 17 जनवरी को एक दिवसीय आंदोलन प्रस्तावित किया गया है। प्रदेश के समस्त सहायक शिक्षकों को प्रधानमंत्री की गारंटी के तहत एलबी संवर्ग के शिक्षकों को प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा गणना कर समस्त लाभ दिए जाने की अपेक्षा है। शिक्षकों को उम्मीद है कि सरकार उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करेगी।
सर्व शिक्षक संघ के प्रांतीय प्रवक्ता इरफान ने कहा कि संगठन का उद्देश्य सभी सहायक शिक्षकों को एक मंच पर लाना है। उन्होंने कहा कि जब एकता का पाठ पढ़ाने वाला शिक्षक वर्ग एकजुट होता है, तो सरकार को उनकी बात सुननी ही पड़ती है, क्योंकि शिक्षक वही मांग कर रहे हैं जो उनका अधिकार है।
इस निर्णय में सर्व शिक्षक संघ के उपाध्यक्ष ज्योति चन्द्रवंशी, सचिव विनय मौर्य, कोषाध्यक्ष प्रकाश स्वर्णकार, प्रवक्ता मोहम्मद यासीर इरफान, संगठन मंत्री यशवंत चंद्राकर, महासचिव दीपमाला साहु, विपिन गहवई, महेश पाण्डेय, महामंत्री ज्योतिराज पंडा, बद्रीका भोई, राधिका उइके, बालेश्वर रजवाड़े, संगठन सचिव अरुण साहू, रुपधर पटेल, गुलमोहन वर्मा, भूपेंद्र देवांगन, संयुक्त सचिव विजय बघेल, नेपाल साहू, सत्येंद्र गुप्ता, अजय देवांगन, सह-सचिव लोकनाथ सेन, सीमा देवांगन, मनमोहन सिंह, नम्रता राजपूत, आईटी सेल प्रमुख शंकर सिंह राठौर, सरगुजा संभाग प्रभारी गोपाल विश्वकर्मा, रायपुर संभाग प्रभारी अभय कुमार पाण्डेय, बस्तर संभाग प्रभारी प्रकाश महापात्रे, दुर्ग संभाग प्रभारी तामेश गजेंद्र तथा बिलासपुर संभाग प्रभारी राजेंद्र शर्मा सहित समस्त प्रांतीय टीम ने सहमति जताई और आंदोलन को समर्थन देने की घोषणा की।
शिक्षक संगठनों के इस संयुक्त रुख से यह संदेश स्पष्ट है कि सहायक शिक्षकों की वेतन विसंगति और सेवा गणना से जुड़ी मांगों को लेकर संघर्ष अब निर्णायक मोड़ की ओर बढ़ रहा है।





