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Chhattisgarh

बढ़ाए गए संपत्ति कर पर मचा बवाल: कांग्रेस ने नगर निगम के खिलाफ खोला मोर्चा, कहा- जनता पर आर्थिक बोझ डालना बंद करे सरकार

राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में नगर निगम द्वारा संपत्ति कर (Property Tax) में की गई भारी वृद्धि को लेकर सियासत गरमा गई है। सोमवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं ने नगर निगम प्रशासन और राज्य सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। कांग्रेस का सीधा आरोप है कि सरकार और निगम प्रशासन जानबूझकर जनता पर अनावश्यक आर्थिक बोझ डाल रहे हैं।

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि एक तरफ शहरवासी बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ उन पर टैक्स का अतिरिक्त भार लादकर उन्हें परेशान किया जा रहा है। इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने नगर निगम आयुक्त के नाम एक ज्ञापन सौंपकर तत्काल प्रभाव से बढ़े हुए करों को वापस लेने और दरों में सुधार करने की मांग की।

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस ने ज्ञापन के जरिए कई तकनीकी खामियों और नियमों के उल्लंघन की ओर प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि कलेक्टर द्वारा निर्धारित गाइडलाइन और नगर निगम द्वारा लागू किए गए स्लैब रेट पूरी तरह से त्रुटिपूर्ण हैं।

ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि निगम ने प्रथम, द्वितीय और तृतीय तल के साथ-साथ व्यावसायिक दुकानों के लिए भी एक समान दर निर्धारित कर दी है, जो व्यावहारिक रूप से गलत है। इसके अलावा, मुख्य मार्गों और अंदरूनी बस्तियों के लिए भी टैक्स की दरें एक जैसी रखी गई हैं, जबकि भौगोलिक और आर्थिक आधार पर इनमें अंतर होना अनिवार्य है।

कांग्रेस ने घर के खुले आंगन और खाली पड़े प्लॉटों पर भी टैक्स वसूली किए जाने को ‘जनता के साथ अन्याय’ करार दिया है।

पूर्व महापौर हेमा देशमुख और अन्य कांग्रेस नेताओं ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि संपत्तिकर की दरों पर पुन: विचार नहीं किया गया और आम जनता को राहत नहीं दी गई, तो कांग्रेस पार्टी आने वाले दिनों में और भी उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी।

प्रदर्शनकारियों का तर्क है कि जनता पहले ही महंगाई की मार झेल रही है और अब व्यावसायिक दुकानों व आवासीय भवनों पर इस तरह की विसंगतिपूर्ण टैक्स वसूली उनके बजट को पूरी तरह बिगाड़ देगी। कांग्रेस ने मांग की है कि व्यावसायिक दरों में सुधार किया जाए और बस्तियों व मुख्य मार्गों के टैक्स स्लैब को अलग-अलग श्रेणी में रखा जाए।

नगर निगम के बाहर हुए इस विरोध प्रदर्शन में पूर्व महापौर हेमा देशमुख, श्रीकिशन खंडेलवाल, झमन देवांगन, माया शर्मा, अशोक फडणवीस, सुदेश देशमुख, गणेश पवार, महेश साहू और चेतन भानुशाली सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी व कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने साफ कर दिया है कि यह लड़ाई केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि शहर की आम जनता के हक की है।

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