LIVE UPDATE
Bilaspur

रिसॉर्ट बना ‘शिकारगाह’: किचन में पकती मिली हिरण की दावत, 6 गिरफ्तार

टूरिज्म की आड़ में शिकार का खेल: रिसॉर्ट के किचन में पकड़ा गया हिरण का मांस

बिलासपुर। पर्यटन के नाम पर चल रहे एक रिसॉर्ट में ऐसा खुलासा हुआ जिसने पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए। कोटा क्षेत्र के बेलगहना वन परिक्षेत्र स्थित कुरदर पर्यटन रिसॉर्ट के किचन में हिरण का मांस पकता मिला और मौके से मैनेजर समेत 6 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया।

किचन में पकड़ा गया ‘सबूत’

वन विभाग को मिली सटीक सूचना के बाद टीम ने सीधे रिसॉर्ट के किचन में दबिश दी। अंदर जो मिला, उसने पूरी कहानी खोल दी—हिरण का मांस पक रहा था। टीम ने मौके पर ही मांस जब्त किया और सभी मौजूद लोगों को हिरासत में लिया।

मैनेजर से लेकर कुक तक गिरफ्तारी

कार्रवाई में मैनेजर रजनीश सिंह, कुक रामकुमार टोप्पो, रमेश यादव और संजय वर्मा समेत कुल 6 कर्मचारी पकड़े गए। सभी के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।

पूछताछ में पलटी कहानी

जैसे ही पूछताछ शुरू हुई, जिम्मेदारी से बचने का खेल भी शुरू हो गया। मैनेजर और अन्य कर्मचारियों ने मांस की जानकारी से पल्ला झाड़ लिया और सारा ठीकरा कुक पर फोड़ दिया। कुक रामकुमार टोप्पो ने अलग ही कहानी सामने रखी—उसके मुताबिक गांव के जनक बैगा ने पत्तों में लाकर मांस दिया था।

सैंपल जांच से खुलेगा पूरा राज

वन विभाग ने जब्त मांस को पुष्टि के लिए जबलपुर की प्रयोगशाला भेजने का फैसला लिया है। रिपोर्ट आने के बाद केस और मजबूत होगा और शिकार की असली कड़ी भी सामने आ सकती है।

पहले भी बदनाम रहा है इलाका

कोटा-बेलगहना का जंगल पहले भी अवैध शिकार को लेकर सुर्खियों में रहा है। करंट लगाकर बाघ, तेंदुए और जंगली सूअरों के शिकार की घटनाएं यहां सामने आती रही हैं। ऐसे में रिसॉर्ट के अंदर यह खुलासा, पूरे नेटवर्क की ओर इशारा करता है।

सीधा सवाल: पर्यटन या शिकार का अड्डा?

यह मामला सिर्फ एक रिसॉर्ट तक सीमित नहीं दिखता। सवाल सीधा है—क्या पर्यटन की आड़ में जंगल का खेल चल रहा था? जांच अब इसी दिशा में आगे बढ़ रही है।

Bhaskar Mishra

पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग 16 साल का अनुभव।विभिन्न माध्यमों से पत्रकारिता के क्षेत्र मे काम करने का अवसर मिला।यह प्रयोग अब भी जारी है।कॉलेज लाइफ के दौरान से पत्रकारिता से गहरा जुड़ाव हुआ।इसी दौरान दैनिक समय से जुडने का अवसर मिला।कहानी,कविता में विशेष दिलचस्पी ने पहले तो अधकचरा पत्रकार बनाया बाद में प्रदेश के वरिष्ठ और प्रणम्य लोगों के मार्गदर्शन में संपूर्ण पत्रकारिता की शिक्षा मिली। बिलासपुर में डिग्री लेने के दौरान दैनिक भास्कर से जु़ड़ा।2005-08 मे दैनिक हरिभूमि में उप संपादकीय कार्य किया।टूडे न्यूज,देशबन्धु और नवभारत के लिए रिपोर्टिंग की।2008- 11 के बीच ईटीवी हैदराबाद में संपादकीय कार्य को अंजाम दिया।भाग दौड़ के दौरान अन्य चैनलों से भी जुडने का अवसर मिला।2011-13 मे बिलासपुर के स्थानीय चैनल ग्रैण्ड न्यूज में संपादन का कार्य किया।2013 से 15 तक राष्ट्रीय न्यूज एक्सप्रेस चैनल में बिलासपुर संभाग व्यूरो चीफ के जिम्मेदारियों को निभाया। 1998-2000 के बीच आकाशवाणी में एनाउँसर-कम-कम्पियर का काम किया।वर्तमान में www.cgwall.com वेबपोर्टल में संपादकीय कार्य कर रहा हूं।
Back to top button
close