एक माह में रिकॉर्ड बरामदगी, 2026 में 500+ मोबाइल मालिकों तक पहुंचे—तकनीक और ट्रैकिंग से पुलिस की बड़ी सफलता
“खोया मोबाइल, मिली मुस्कान: ‘अर्पण’ अभियान में बिलासपुर पुलिस ने लौटाए 135 फोन, 20 लाख की भरोसे की वापसी

बिलासपुर…खोए मोबाइल के साथ लौट आई उम्मीद—बिलासपुर पुलिस के “अर्पण” अभियान ने एक बार फिर भरोसा मजबूत किया है। एक महीने के भीतर 135 गुम मोबाइल बरामद कर करीब 20 लाख रुपये की संपत्ति उनके असली मालिकों को सौंप दी गई। कार्यक्रम के दौरान जब लोगों ने अपने मोबाइल वापस पाए, तो चेहरों पर साफ राहत और संतोष नजर आया।
उप पुलिस महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देशन में चलाए जा रहे इस विशेष अभियान में एसीसीयू की टेक्निकल टीम और जिले के थानों ने मिलकर लगातार ट्रैकिंग और फील्ड इनपुट के आधार पर कार्रवाई की। मोबाइल सिर्फ शहर तक सीमित नहीं थे—कई डिवाइस अन्य जिलों और राज्यों में सक्रिय मिले, जिन्हें ट्रेस कर वापस लाया गया।
पुलिस के मुताबिक वर्ष 2026 में अब तक 500 से अधिक गुम मोबाइल उनके वास्तविक स्वामियों को लौटाए जा चुके हैं। यह आंकड़ा न सिर्फ तकनीकी दक्षता, बल्कि फील्ड समन्वय की मजबूती भी दिखाता है।
शुक्रवार को आयोजित कार्यक्रम में बरामद मोबाइल उनके मालिकों को सौंपे गए। करीब 160 नागरिकों की मौजूदगी में यह पूरी प्रक्रिया हुई, जहां लोगों ने पुलिस की तत्परता और जनसेवा की सराहना की।
अभियान के साथ ही साइबर जागरूकता पर भी जोर दिया गया। अधिकारियों ने डिजिटल अरेस्ट, सेक्सटॉर्शन, व्हाट्सएप फ्रॉड, निवेश ठगी, फर्जी कस्टमर केयर और ऑनलाइन लोन ऐप जैसे मामलों से बचने के तरीके समझाए। साफ संदेश रहा—सतर्क रहें, जानकारी ही सबसे बड़ा बचाव है।
पुलिस ने दोहराया कि आधुनिक तकनीक और सतत निगरानी के जरिए अपराधों पर नियंत्रण और नागरिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान प्राथमिकता है। हर महीने सैकड़ों मोबाइल ढूंढकर लौटाने की यह कवायद इसी दिशा में बड़ा कदम बन चुकी है।
“अर्पण” अब सिर्फ अभियान नहीं, बल्कि भरोसे की पहचान बनता जा रहा है—जहां खोई चीज ही नहीं, लोगों का विश्वास भी वापस लौट रहा है।





