राज्यसभा का दंगल, हिमाचल के इस सरप्राइज चेहरे ने सबको चौंकाया

शिमला। देश की 37 राज्यसभा सीटों के लिए होने वाले चुनावी घमासान के बीच कांग्रेस ने अपने उम्मीदवारों की बहुप्रतीक्षित सूची जारी कर दी है। भाजपा द्वारा अपने पत्तों को खोले जाने के बाद, अब कांग्रेस ने भी 6 दिग्गजों के नामों पर मुहर लगा दी है।
इस सूची में जहां अनुभवी वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी और छत्तीसगढ़ की वरिष्ठ नेता फूलो देवी नेताम को फिर से मौका दिया गया है, वहीं हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा से एक ऐसे चेहरे को टिकट मिला है जिसने राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है। कांग्रेस ने अभिषेक मनु सिंघवी और वेम नरेंद्र रेड्डी के साथ-साथ कर्मवीर सिंह बौद्ध को भी चुनावी मैदान में उतारा है।
कांग्रेस की इस सूची ने न केवल राजनीतिक जानकारों को चौंकाया है, बल्कि उन कयासों पर भी विराम लगा दिया है जो टिकट वितरण में हो रही देरी को लेकर लगाए जा रहे थे। इस फेहरिस्त में सबसे चौंकाने वाला नाम कांगड़ा के नवनियुक्त जिला अध्यक्ष अनुराग शर्मा का है। हिमाचल प्रदेश की एकमात्र राज्यसभा सीट के लिए उनके नाम की घोषणा ने सबको हैरत में डाल दिया है।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इस फैसले से पहले ही संकेत दे दिए थे कि उम्मीदवार हिमाचल की मिट्टी से ही होगा। होली के मौके पर उन्होंने मीडिया से मुखातिब होते हुए स्पष्ट किया था कि चुनाव को लेकर न तो कोई सस्पेंस है और न ही कोई डर। उन्होंने पिछली घटनाओं का संदर्भ देते हुए यह भी कहा कि इस बार लोकतंत्र को ‘बिकने’ नहीं दिया जाएगा।
हिमाचल प्रदेश से राज्यसभा उम्मीदवार बनाए गए अनुराग शर्मा का चयन बेहद रणनीतिक माना जा रहा है। उन्हें हाल ही में कांगड़ा जैसे महत्वपूर्ण जिले का अध्यक्ष बनाया गया था, जो राज्य की राजनीति में सत्ता का केंद्र माना जाता है। जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं के बीच उनकी मजबूत पकड़ को देखते हुए पार्टी ने साल 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले उन्हें इतनी बड़ी जिम्मेदारी देकर कार्यकर्ताओं को एक कड़ा संदेश दिया है। अनुराग शर्मा की उम्मीदवारी को सुक्खू सरकार के उस विश्वास के रूप में देखा जा रहा है जिसमें वे बाहरी बनाम स्थानीय की बहस को खत्म करना चाहते हैं।
वहीं, छत्तीसगढ़ से पार्टी ने एक बार फिर वर्तमान राज्यसभा सदस्य फूलो देवी नेताम पर अपना भरोसा जताया है। आदिवासी समाज में उनकी सक्रियता और पार्टी के प्रति निष्ठा को देखते हुए उन्हें दोबारा उच्च सदन भेजने का फैसला किया गया है। दूसरी ओर, वरिष्ठ अधिवक्ता और संविधान विशेषज्ञ अभिषेक मनु सिंघवी को कांग्रेस शासित राज्य तेलंगाना से फिर से राज्यसभा उम्मीदवार बनाया गया है।
सिंघवी वर्तमान में भी तेलंगाना से ही राज्यसभा सदस्य हैं और उनकी कानूनी विशेषज्ञता का लाभ उठाने के लिए पार्टी ने उन्हें बरकरार रखा है। हरियाणा से कांग्रेस ने कर्मवीर सिंह बौद्ध को अपना चेहरा बनाया है, जो सामाजिक और राजनीतिक समीकरणों के लिहाज से एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
The Congress President, Shri Mallikarjun Kharge, has approved the proposal for the candidature of the following persons to contest the Rajya Sabha elections as Congress candidates from the states mentioned against their names: pic.twitter.com/E5Fvo7s9Af
— INC Sandesh (@INCSandesh) March 5, 2026




