एस्मा के बीच लग्जरी बसों से दिल्ली कूच की तैयारी, टीईटी आंदोलन पर उठे सवाल

बिलासपुर: (मनीष जायसवाल)टीईटी की अनिवार्यता के विरोध में 4 अप्रैल को दिल्ली में प्रस्तावित राष्ट्रीय आंदोलन को लेकर छत्तीसगढ़ में तैयारियां तेज हो गई हैं। टीएफआई छत्तीसगढ़ की ऑनलाइन बैठक में राज्य भर में संगठनात्मक ढांचा मजबूत करने, जिलों और विकासखंडों में बैठकें आयोजित करने तथा ब्लॉक स्तर से बसों के माध्यम से शिक्षकों को दिल्ली भेजने की रणनीति तय की गई। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि जो शिक्षक दिल्ली नहीं जा सकेंगे, वे 4 अप्रैल को अवकाश लेकर हड़ताल में शामिल रहेंगे, वहीं अप्रैल के अंतिम सप्ताह में रायपुर में बड़े आंदोलन की भी घोषणा की गई है।
हालांकि इस पूरे घटनाक्रम ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, क्योंकि राज्य में 15 फरवरी से 30 अप्रैल 2026 तक एस्मा लागू है, जिसके तहत शिक्षकों और परीक्षा कार्य से जुड़े कर्मचारियों पर अवकाश लेने, हड़ताल करने या किसी भी प्रकार के आंदोलन में शामिल होने पर प्रतिबंध लगाया गया है..। इसी अवधि में पहली से 12वीं तक की बोर्ड परीक्षाएं और उत्तर पुस्तिकाओ के मूल्यांकन भी संचालित हो रहे हैं, जिनकी जिम्मेदारी शिक्षकों पर ही है। इसके बावजूद आंदोलन के लिए शिक्षकों से शुल्क एकत्र कर उन्हें बसों से दिल्ली भेजने की योजना पर सवाल उठ रहे हैं..।
जानकारों का मानना है कि एस्मा के दौरान यदि कोई कर्मचारी बिना अनुमति अवकाश लेता है या हड़ताल में शामिल होता है तो उसके खिलाफ निलंबन, वेतन कटौती सहित कड़ी विभागीय कार्रवाई की जा सकती है, वहीं गंभीर स्थिति में कानूनी प्रकरण भी दर्ज हो सकता है। ऐसे में यह चर्चा तेज हो गई है कि आंदोलन की रणनीति बनाते समय इन कानूनी प्रावधानों और परीक्षा व्यवस्था पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर पर्याप्त सावधानी बरती गई है या नहीं…।




