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तखतपुर की राजनीति और पाकिटमारी – विधायक के जन्मदिन समारोह में जेब से उड़े नोट…

तखतपुर  (टेकचंद कारड़ा)  ।  जहां राजनीति होती है, वहां भीड़ होती है… और जहां भीड़ होती है, वहां पाकिटमार क्यों पीछे रहें? इसी सिद्धांत को चरितार्थ करते हुए तखतपुर विधायक धर्मजीत सिंह के जन्मदिन समारोह में चार युवकों ने ‘भीड़ में अवसर’ देखते ही जेब-तराशी की सुपरहिट स्कीम चला दी।

विधायकजी के स्वागत मंचों पर पुष्पवर्षा हो रही थी, ढोल-नगाड़े बज रहे थे, और उसी ताल पर पाकिटमार भी अपनी “कमाई का ढोल” बजा रहे थे। कार्यकर्ताओं की जेबों से नोट ऐसे उड़ रहे थे मानो गुलाब की पंखुड़ियां हवा में तैर रही हों।

खबर है कि ग्राम बराही निवासी राजेंद्र मेरसा की जेब मण्डी चौक में ऐसे कटी कि उन्हें खुद देर से पता चला। संयोग देखिए, पास ही थाना प्रभारी साहब खड़े थे। सूचना मिलते ही उन्होंने चौकन्ना होकर एक युवक को दबोचा, जिसके जेब से “पब्लिक का जन-धन” बरामद हुआ। पूछताछ में खुलासा हुआ कि चार की टीम बनी थी, जिसमें से दो तुरंत जेल दर्शन को रवाना हो गए और बाकी दो “अगले स्टेज” पर पकड़ाए जाने की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

 राजेंद्र मेरसा की जेब मण्डी चौक के पास कट गई ।जिसमें 2 हजार रूपए गायब हो गए। जिसकी सूचना वहीं पास खड़े थाना प्रभारी अनिल अग्रवाल को दी। पुलिस को देखकर आंख चुराकर भाग रहे एक युवक को संदेह पर हिरासत में लिया और उसे थाने ले जाकर पुछताछ किया ।तब युवक ने अपना नाम प्रकाश संवरा पिता मंगल संवरा उम्र 23 वर्ष निवासी पण्डरिया बताया ।उसको हिरासत में लेकर पुछताछ की गई । जिससे कुछ पैसे पाकिटमारी के इसके जेब से मिले ।इसके बाद पुलिस ने लगभग 40 हजार रूपए की पाकिटमारी होने की शिकायत प्राप्त हुई  ।आरोपी से पुछताछ के बाद हीरू संवरा पिता भुरूवा संवरा उम्र 22 वर्ष को गिरफ्तार किया और दोनों से 18 हजार रूपए जप्त कर न्यायिक रिमाण्ड में जेल भेज दिया वहीं दो फरार आरोपीयों की तलाश जारी है।

अब पुलिस ने धारा-304, 3,5 के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। हालांकि जनता का कहना है कि “विधायक के जन्मदिन में अगर जेब न कटी तो समझिए कार्यक्रम फीका ही रहा।”

जनता परेशान नहीं, बल्कि हंसी-ठिठोली कर रही है। एक कार्यकर्ता ने तो तंज कस दिया—“हम फूल-माला चढ़ाने आए थे, पाकिटमार हमें हल्का करने आए थे। विधायक जी का जन्मदिन दोनों तरफ से यादगार बन गया…!”

Chief Editor

छत्तीसगढ़ के ऐसे पत्रकार, जिन्होने पत्रकारिता के सभी क्षेत्रों में काम किया 1984 में ग्रामीण क्षेत्र से संवाददाता के रूप में काम शुरू किया। 1986 में बिलासपुर के दैनिक लोकस्वर में उपसंपादक बन गए। 1987 से 2000 तक दिल्ली इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप के राष्ट्रीय अखबार जनसत्ता में बिलासपुर संभाग के संवाददाता के रूप में सेवाएं दीं। 1991 में नवभारत बिलासपुर में उपसंपादक बने और 2003 तक सेवाएं दी। इस दौरान राजनैतिक विश्लेषण के साथ ही कई चुनावों में समीक्षा की।1991 में आकाशवाणी बिलासपुर में एनाउँसर-कम्पियर के रूप में सेवाएं दी और 2002 में दूरदर्शन के लिए स्थानीय साहित्यकारों के विशेष इंटरव्यू तैयार किए ।1996 में बीबीसी को भी समाचार के रूप में सहयोग किया। 2003 में सहारा समय रायपुर में सीनियर रिपोर्टर बने। 2005 में दैनिक हरिभूमि बिलासपुर संस्करण के स्थानीय संपादक बने। 2009 से स्वतंत्र पत्रकार के रूप में बिलासपुर के स्थानीय न्यूज चैनल ग्रैण्ड के संपादक की जिम्मेदारी निभाते रहे । छत्तीसगढ़ और स्थानीय खबरों के लिए www.cgwall.com वेब पोर्टल शुरू किया। इस तरह अखबार, रेडियो , टीवी और अब वेबमीडिया में काम करते हुए मीडिया के सभी क्षेत्रों में अपनी अलग पहचान बनाई है।
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