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Bilaspur

भाजपा दफ्तर में फूटा सियासी बम: मेयर–पार्षद भिड़े, “कांग्रेस कनेक्शन” पर खुली जंग.. एक दूसरी पर लगा कांग्रेसी होने का आरोप

रिहर्सल बना रणभूमि: भाजपा बैठक में घमासान, मेयर–पार्षद में ‘कांग्रेस’ को लेकर सीधी टक्कर

बिलासपुर… नगर निगम बिलासपुर साधारण सम्मेलन और बजट सत्र से पहले सत्तापक्ष अपनी रणनीति साधने बैठा था, लेकिन मंच सियासी अभ्यास का नहीं, टकराव का बन गया। करबला रोड स्थित भाजपा कार्यालय में आयोजित रिहर्सल बैठक में मेयर और पार्षदों के बीच ऐसा टकराव हुआ कि मुद्दे से बहस शुरू हुई और व्यक्तिगत आरोपों तक जा पहुंची।

बैठक का मकसद साफ था—13 अप्रैल के सम्मेलन में विपक्ष के सवालों का जवाब कैसे दिया जाए, बजट को कैसे पास कराया जाए। लेकिन शुरुआत होते ही पार्षदों ने मोर्चा खोल दिया। सवाल सीधे थे और तीखे भी—जब शहर की सफाई व्यवस्था बदहाल है, डिवाइडर और फुटपाथ की धुलाई तक नहीं हो रही, तो फिर ठेका कंपनी लायन सर्विसेज को भुगतान में 5 प्रतिशत की बढ़ोतरी किस आधार पर दे दी गई?

यहीं से माहौल गर्म हुआ। पार्षदों ने आरोप लगाया कि बिना एमआईसी और सामान्य सभा की मंजूरी के यह फैसला लिया गया। काम जमीन पर कमजोर है, लेकिन भुगतान में राहत दी जा रही है—इस विरोधाभास ने बैठक का संतुलन बिगाड़ दिया।

इसी बीच बहस ने अचानक सियासी मोड़ ले लिया। मेयर ने एक पार्षद पर आरोप लगाया—“तुम तो कांग्रेस से आए हो, कांग्रेसियों के साथ बैठते हो…”।
बस फिर क्या था। पार्षद ने भी बिना देर किए तुर्की जवाब दिया—“आपका रिश्ता भी कांग्रेस से ही रहा है…”।

इस एक लाइन ने पूरी बैठक का माहौल बदल दिया। रणनीति की जगह आरोपों की आवाज गूंजने लगी। कमरे में शोर बढ़ा, आवाजें तेज हुईं और बैठक हंगामे में बदल गई।

स्थिति यहीं नहीं थमी। बैठक के दौरान ‘ले-ले’ जैसे तंज भी गूंजे। एक एमआईसी सदस्य से जुड़े ठेकेदार को लेकर खुलकर टिप्पणियां हुईं। निगम के पेट्रोल पंप को कम दर पर ठेके पर देने के मुद्दे पर भी सवाल उठे। आरोप लगे कि फैसले पारदर्शी तरीके से नहीं लिए जा रहे, बल्कि अंदरखाने तय हो रहे हैं।

इस पूरे घटनाक्रम के बीच एक और बात साफ दिखी—बैठक में वरिष्ठ नेताओं और विधायकों की गैरमौजूदगी। जिस मंच से एकजुटता का संदेश जाना था, वहीं अंदरूनी खींचतान खुलकर सामने आ गई।

अब नजर 13 अप्रैल के साधारण सम्मेलन और बजट सत्र पर है। रिहर्सल में जिस तरह की तल्खी दिखी है, उससे संकेत साफ हैं—सदन में बहस सिर्फ मुद्दों तक सीमित नहीं रहेगी, सियासी टकराव और तीखा होगा।

Bhaskar Mishra

पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग 16 साल का अनुभव।विभिन्न माध्यमों से पत्रकारिता के क्षेत्र मे काम करने का अवसर मिला।यह प्रयोग अब भी जारी है।कॉलेज लाइफ के दौरान से पत्रकारिता से गहरा जुड़ाव हुआ।इसी दौरान दैनिक समय से जुडने का अवसर मिला।कहानी,कविता में विशेष दिलचस्पी ने पहले तो अधकचरा पत्रकार बनाया बाद में प्रदेश के वरिष्ठ और प्रणम्य लोगों के मार्गदर्शन में संपूर्ण पत्रकारिता की शिक्षा मिली। बिलासपुर में डिग्री लेने के दौरान दैनिक भास्कर से जु़ड़ा।2005-08 मे दैनिक हरिभूमि में उप संपादकीय कार्य किया।टूडे न्यूज,देशबन्धु और नवभारत के लिए रिपोर्टिंग की।2008- 11 के बीच ईटीवी हैदराबाद में संपादकीय कार्य को अंजाम दिया।भाग दौड़ के दौरान अन्य चैनलों से भी जुडने का अवसर मिला।2011-13 मे बिलासपुर के स्थानीय चैनल ग्रैण्ड न्यूज में संपादन का कार्य किया।2013 से 15 तक राष्ट्रीय न्यूज एक्सप्रेस चैनल में बिलासपुर संभाग व्यूरो चीफ के जिम्मेदारियों को निभाया। 1998-2000 के बीच आकाशवाणी में एनाउँसर-कम-कम्पियर का काम किया।वर्तमान में www.cgwall.com वेबपोर्टल में संपादकीय कार्य कर रहा हूं।
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