238 पदों की जंग में बदला पैटर्न: करंट अफेयर्स और राज्यीय तथ्य बने निर्णायक
CGPSC प्री 2025: बजट के ताज़ा आंकड़ों ने घुमाया पेपर, आधा सवाल छत्तीसगढ़ पर केंद्रित

बिलासपुर… छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग की राज्य सेवा परीक्षा 2025 (भर्ती वर्ष 2025-26) ने साफ संकेत दे दिया है—अब तैयारी सिर्फ पुरानी किताबों से नहीं चलेगी। 238 पदों के लिए शुरू हुई भर्ती प्रक्रिया के तहत 22 फरवरी 2026 को प्रदेश के 33 जिलों में प्रारंभिक परीक्षा आयोजित हुई। आवेदन 1 दिसंबर से 30 दिसंबर 2025 तक लिए गए थे।
बजट और करंट अफेयर्स पर सीधा प्रहार
सामान्य अध्ययन का पहला प्रश्न पत्र संतुलित रहा, लेकिन गहराई ने कई अभ्यर्थियों को चौंकाया। छत्तीसगढ़ से जुड़े प्रश्नों में ‘करंट अफेयर्स’ और ‘बजट 2025-26’ की सीधी एंट्री दिखी। परंपरागत सिद्धांतों की जगह इस बार योजनाओं और संशोधित प्रावधानों पर फोकस रहा।
PM-कुसुम, PM-जनमन और MSME की नई निवेश सीमाओं जैसे बिंदुओं से जुड़े प्रश्नों ने यह जता दिया कि आयोग अब अपडेटेड और विश्लेषणात्मक तैयारी चाहता है। केन्द्रीय बजट 2025-26 के अनुसार लघु उद्यमों की संशोधित निवेश सीमा ₹50 करोड़ पूछी गई।
प्रशासनिक समझ की परीक्षा
ग्राम सभा, PESA Act और नगर पंचायतों से जुड़े प्रश्न तकनीकी और अवधारणात्मक थे। स्पष्ट हुआ कि केवल तथ्य याद कर लेना काफी नहीं, प्रशासनिक ढांचे की समझ जरूरी है।
संविधान के अनुच्छेद 120 (मातृभाषा) जैसे प्रश्न सीधे और स्कोरिंग रहे, जबकि प्राचीन इतिहास में कोसल महाजनपद पर प्रश्न ने पारंपरिक आधार भी बनाए रखा।
छत्तीसगढ़ पर आधा पेपर
100 प्रश्नों के इस पेपर में 50 प्रश्न छत्तीसगढ़ से जुड़े थे और 50 सामान्य अध्ययन से। प्रत्येक प्रश्न दो अंकों का रहा और माइनस मार्किंग ने जोखिम बढ़ाया।
छत्तीसगढ़ के भूगोल और संस्कृति से जुड़े प्रश्नों में डोरला जनजाति के आवास, ‘हुल्कीपाटा’ गीत, खुरिया पठार, सिंचाई क्षमता (21.76 लाख हेक्टेयर) जैसे आंकड़े पूछे गए।
‘धर्मेश’ किस जनजाति के प्रमुख देवता हैं, ‘तसमई’ जैसे व्यंजन, ‘पनही खियाना’ का अर्थ—इन सबने स्थानीय अध्ययन की गंभीरता परख ली।
इतिहास, भूगोल और समसामयिकता का संगम
राजस्थान के कालीबंगन में हड़प्पा काल के जुते हुए खेत, मोरक्को के यात्री इब्न बतूता की ‘रेहला’, दार्जिलिंग चाय को 2004 में मिला पहला GI टैग, और तमिल को 2004 में पहली शास्त्रीय भाषा का दर्जा—ऐसे प्रश्नों ने व्यापक तैयारी की मांग की। ‘राजकोषीय स्वास्थ्य सूचकांक 2025’ में ओडिशा, छत्तीसगढ़ और गोवा का क्रम पूछकर आयोग ने नीति विश्लेषण की समझ भी जांची।
विश्व की सबसे लंबी अटल राजमार्ग सुरंग के संदर्भ में सही उत्तर ‘पीर पंजाल पर्वतमाला’ रहा, जबकि स्वर्णिम चतुर्भुज परियोजना के चार महानगर—दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और कोलकाता—से जुड़ा प्रश्न अपेक्षाकृत सरल था।
अगला पड़ाव: मई में मुख्य परीक्षा
प्रारंभिक परीक्षा में दो प्रश्न पत्र होते हैं। दूसरा प्रश्न पत्र ‘सीजी सेट’ केवल क्वालीफाइंग है। मुख्य परीक्षा के लिए चयन सामान्य अध्ययन के प्रथम प्रश्न पत्र के आधार पर होगा। मुख्य परीक्षा 16 से 19 मई 2026 तक आयोजित होगी।
इस बार का पेपर स्पष्ट संदेश छोड़ गया है—छत्तीसगढ़ की जड़ों, बजट की बारीकियों और प्रशासनिक संरचना की समझ के बिना सफलता मुश्किल है। जो अभ्यर्थी केवल पुराने नोट्स पर टिके रहे, उनके लिए यह परीक्षा चेतावनी साबित हुई। जो अपडेटेड और विश्लेषणात्मक रहे, उनके लिए यह अवसर बन सकता है।





