मुझे वोट क्यों नहीं दिया? कहकर पंच प्रत्याशी ने ली ग्रामीण की जान, 10 महीने बाद खूनी खेल का पर्दाफाश

बलौदाबाजार: छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ लोकतंत्र के सबसे निचले स्तर के चुनाव (पंच चुनाव) की रंजिश में एक प्रत्याशी ने क्रूरता की सारी हदें पार कर दीं। महज इस शक में कि एक ग्रामीण ने उसे वोट नहीं दिया, आरोपी प्रत्याशी ने उसे डंडे से पीट-पीटकर मौत के घाट उतार दिया।
10 महीनों तक गवाहों को डरा-धमाकर चुप रखने वाले इस कातिल को आखिरकार पुलिस ने सलाखों के पीछे भेज दिया है।
यह सनसनीखेज मामला कसडोल थाना क्षेत्र के ग्राम डाढाखार का है। 7 अप्रैल 2025 को यहाँ के निवासी इतवारी राम पैकरा (55 वर्ष) पर जानलेवा हमला हुआ था। गंभीर हालत में उन्हें जिला अस्पताल बलौदाबाजार में भर्ती कराया गया, जहाँ उपचार के दौरान 8 अप्रैल को उनकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह साफ हो गया कि मौत सिर में गंभीर चोट लगने के कारण हुई है।
पुलिस की गहन जांच में जो सच सामने आया, वह हैरान करने वाला था।
अप्रैल में गांव में पंच पद के लिए चुनाव थे। आरोपी नरेश पैकरा (42 वर्ष) इस चुनाव में उम्मीदवार था। नरेश को शक था कि इतवारी राम पैकरा ने उसे वोट नहीं दिया है। इसी चुनावी रंजिश को लेकर 7 अप्रैल को नरेश ने इतवारी के साथ विवाद किया और आपा खोते हुए डंडे से उन पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। हमला इतना भीषण था कि इतवारी लहूलुहान होकर मौके पर ही बेहोश हो गए।
इस हत्याकांड के बाद आरोपी नरेश पैकरा ने मौके पर मौजूद गवाहों को खुलेआम धमकी दी थी। उसने कहा था, “अगर पुलिस के पास जाकर जुबान खोली, तो तुम्हारा भी यही हश्र होगा।” आरोपी के डर से गांव वाले और प्रत्यक्षदर्शी इस कदर सहमे हुए थे कि महीनों तक पुलिस को कुछ भी बताने की हिम्मत नहीं जुटा पाए। पुलिस के लिए भी यह एक बड़ी चुनौती थी क्योंकि कोई भी ग्रामीण कुछ भी बोलने को तैयार नहीं था।
कसडोल पुलिस ने हार नहीं मानी। करीब 10 महीने तक मामले की बारीकी से जांच की गई और ग्रामीणों को सुरक्षा का भरोसा दिलाते हुए बार-बार पूछताछ की गई। पुलिस की समझाइश और सख्त रुख के बाद आखिरकार गवाहों ने चुप्पी तोड़ी और नरेश पैकरा का काला सच सामने आ गया। पुलिस ने आरोपी नरेश पैकरा को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।





