पाकिस्तान की हेरोइन छत्तीसगढ़ तक! रायपुर NDPS कोर्ट का कड़ा प्रहार, दो तस्करों को 6-6 साल की जेल
पाकिस्तान से आई हेरोइन, रायपुर कोर्ट ने तस्करों को सुनाई 6-6 साल की सजा

रायपुर…छत्तीसगढ़ में नशे के अंतरराज्यीय नेटवर्क पर बड़ी चोट करते हुए रायपुर की NDPS विशेष अदालत ने पाकिस्तान से लाई गई हेरोइन के कारोबार में लिप्त दो तस्करों को सख़्त सज़ा सुनाई है। अदालत ने स्पष्ट संदेश दिया है कि युवाओं को ज़हर परोसने वालों के लिए कानून में कोई नरमी नहीं है।
NDPS विशेष न्यायाधीश पंकज कुमार सिन्हा की अदालत ने पंजाब के मोगा और फिरोजपुर जिले के निवासी मनप्रीत सिंह और मनप्रीत सिंह उर्फ मन्नू को दोषी करार देते हुए 6-6 वर्ष के कठोर कारावास और 60-60 हजार रुपये जुर्माने की सज़ा सुनाई है। जुर्माना नहीं चुकाने की स्थिति में अतिरिक्त सज़ा भी भुगतनी होगी।
मामला वर्ष 2023 का है, जब रायपुर के गोलबाजार थाना क्षेत्र में पुलिस ने दोनों आरोपियों को पाकिस्तान से लाई गई हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया था। जांच में सामने आया कि आरोपी अंतरराज्यीय नशा तस्करी नेटवर्क का हिस्सा थे और बड़ी मात्रा में हेरोइन की सप्लाई में संलिप्त थे। जब्त की गई हेरोइन की कीमत बाजार में लाखों रुपये आंकी गई थी।
अदालत ने फैसले में कहा कि नशीले पदार्थों का कारोबार केवल कानून व्यवस्था का मामला नहीं, बल्कि यह समाज और खासकर युवाओं के भविष्य पर सीधा हमला है। ऐसे अपराधों में कठोर सज़ा न केवल ज़रूरी है, बल्कि यह एक निवारक संदेश भी देती है।
सुनवाई के दौरान यह भी स्पष्ट हुआ कि आरोपी केवल स्थानीय स्तर पर नहीं, बल्कि सीमा पार से जुड़े नेटवर्क के माध्यम से नशे की खेप छत्तीसगढ़ तक पहुंचा रहे थे। कोर्ट ने इसे गंभीर अपराध मानते हुए किसी भी तरह की सहानुभूति से इनकार किया।
फैसले के बाद रायपुर पुलिस ने कहा कि यह निर्णय राज्य में नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति को मजबूती देता है। पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि नशे से जुड़ी किसी भी संदिग्ध गतिविधि या व्यक्ति की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।
यह फैसला न केवल दो तस्करों की सज़ा तक सीमित है, बल्कि यह उन सभी नेटवर्कों के लिए चेतावनी है जो छत्तीसगढ़ को नशे का बाजार बनाने की कोशिश कर रहे हैं। कानून ने एक बार फिर साफ कर दिया है—नशे के सौदागरों के लिए छत्तीसगढ़ की धरती सुरक्षित नहीं है।





