Madhya Pradesh

जमीन आपकी, खाता आपका, पर OTP और पैसा जालसाज का! भोपाल में किसान से 2 करोड़ की हाईटेक धोखाधड़ी का पर्दाफाश

भोपाल: आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) ने राजधानी भोपाल में हुए एक ऐसे सनसनीखेज फ्रॉड का पर्दाफाश किया है, जिसे सुनकर आप हैरान रह जाएंगे। जालसाजों के एक संगठित गिरोह ने एक किसान की 12 एकड़ से ज्यादा कीमती जमीन तो हड़पी ही, साथ ही उसके नाम पर बैंक खाता खुलवाकर डिजिटल तरीके से करीब 2 करोड़ रुपए भी उड़ा लिए।

इस पूरी साजिश का मास्टरमाइंड ट्राइडेंट मल्टीवेंचर्स नामक फर्म का संचालक राजेश शर्मा और उसके सहयोगी दीपक तलुसानी और राजेश तिवारी बताए जा रहे हैं। EOW ने तीनों के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक साजिश सहित कई गंभीर धाराओं में FIR दर्ज कर ली है।

साजिश का ताना-बाना: जानिए कैसे दिया गया इस हाईटेक ठगी को अंजाम?
यह धोखाधड़ी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। EOW की जांच में सामने आया कि कैसे जालसाजों ने स्टेप-बाय-स्टेप इस पूरी ठगी को अंजाम दिया:

  1. विश्वास जीतना: रातीबड़ निवासी किसान चिंतामणि सिंह मारण को जब हाईकोर्ट से अपनी जमीन वापस मिली, तो मास्टरमाइंड राजेश शर्मा ने नामांतरण और जमीन बिकवाने में मदद करने के बहाने उनसे संपर्क साधा और उनका विश्वास जीत लिया।

  2. बैंक खाते का खेल: जालसाजों ने किसान को झांसा देकर ICICI बैंक में एक नया खाता खुलवाया। सबसे बड़ी चालाकी यह की गई कि इस खाते में किसान के मोबाइल नंबर की जगह आरोपी राजेश तिवारी का नंबर और ईमेल आईडी दर्ज करा दी गई।

  3. भुगतान का डिजिटल धोखा: जमीन की रजिस्ट्री के बाद, किसान को बताया गया कि उसके नए खाते में ₹2.86 करोड़ जमा किए गए हैं। जबकि हकीकत में, किसान को सिर्फ ₹81 लाख की छोटी रकम दी गई। बाकी की लगभग दो करोड़ की रकम, आरोपियों ने अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर OTP मंगाकर चुपचाप अपने खातों में ट्रांसफर कर ली।

  4. चेक का छलावा: किसान को गुमराह करने के लिए रजिस्ट्री में 22-22 लाख रुपए के तीन चेक देने का उल्लेख किया गया, लेकिन बाद में उन सभी चेकों का भुगतान ‘स्टॉप पेमेंट’ कराकर रुकवा दिया गया।

EOW का शिकंजा, आरोपियों पर गंभीर धाराएं

यह पूरा मामला तब सामने आया जब पीड़ित किसान ने EOW में शिकायत दर्ज कराई। जांच में डिजिटल बैंकिंग फ्रॉड और संगठित साजिश की परतें खुलती चली गईं। EOW ने आरोपियों के खिलाफ IPC की धारा 420 (धोखाधड़ी), 467 (मूल्यवान प्रतिभूति की जालसाजी), 468 (धोखाधड़ी के लिए जालसाजी), 471 (जाली दस्तावेज का उपयोग), 120बी (आपराधिक साजिश) और आईटी एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब इन शातिर जालसाजों की सरगर्मी से तलाश कर रही है।

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