यूजीसी सुधारों पर जसबीर चावला की दो टूक: शिक्षा पर राजनीति नहीं, पारदर्शिता पर समझौता नहीं
जन चेतना भारत पार्टी ने किया खुला समर्थन, भ्रम फैलाने वालों को दी चुनौती

बिलासपुर…. आंबेडकर चौक पर आयोजित कार्यक्रम में जन चेतना भारत पार्टी ने उच्च शिक्षा में प्रस्तावित सुधारों के समर्थन में स्पष्ट रुख सामने रखा। केंद्र में रहे पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जसबीर चावला, जिन्होंने यूजीसी द्वारा प्रस्तावित बदलावों को शिक्षा व्यवस्था की मजबूती की दिशा में आवश्यक कदम बताया।
जसबीर चावला ने कहा कि उच्च शिक्षा में पारदर्शिता, समान अवसर और जवाबदेही सुनिश्चित करना समय की मांग है। विश्वविद्यालयों को निष्पक्ष, भेदभाव-मुक्त और गुणवत्ता आधारित व्यवस्था की ओर बढ़ना ही होगा। सुधारों को राजनीतिक चश्मे से देखने के बजाय तथ्य और संवाद के आधार पर परखा जाना चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ समूह जानबूझकर छात्रों और अभिभावकों के बीच भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। शिक्षा जैसे संवेदनशील विषय को राजनीति का मंच बनाना राष्ट्रहित के खिलाफ है। छात्रों के भविष्य के साथ किसी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
कार्यक्रम में अलिम अंसारी, रवि यादव, हसन अली, खगेश केवट, मनोज जांगड़े, संत सोंडरे, गेसन सेन, मुकेश जांगड़े, मनोज कुशवाहा, प्रकाश कैटर्स, नसीम, आगर दास और प्रकाश माली सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे। उपस्थित सदस्यों ने सर्वसम्मति से संकल्प लिया कि शिक्षा सुधारों के खिलाफ फैलाए जा रहे भ्रम का लोकतांत्रिक तरीके से जवाब दिया जाएगा और जन-जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।
जन चेतना भारत पार्टी ने दोहराया कि शिक्षा में पारदर्शिता अनिवार्य है, किसी भी प्रकार के भेदभाव पर सख्ती जरूरी है और सुधारों को रचनात्मक दृष्टिकोण से देखना चाहिए। जसबीर चावला ने दोहराया कि मजबूत शिक्षा व्यवस्था ही सशक्त भारत की असली नींव है।





