iran israel war latest update- सर्वोच्च नेता Ayatollah Ali Khamenei की मौत से दहला ईरान, अहमद वाहिदी बने नए कमांडर-इन-चीफ
ईरान ने आधिकारिक तौर पर अपने सर्वोच्च नेता की मौत का बदला लेने का संकल्प लिया है। इस बीच, तेहरान ने देश की सबसे शक्तिशाली सैन्य शाखा, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के नए कमांडर-इन-चीफ के नाम का ऐलान कर दिया है।

iran israel war latest update/मध्य पूर्व (मिडिल ईस्ट) में जारी इजरायल और ईरान की जंग अब अपने सबसे भीषण दौर में पहुँच गई है। इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हालिया हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता आयातुल्लाह अली खामेनेई (Ayatollah Ali Khamenei) की मौत की पुष्टि हो गई है। इस खबर के बाद पूरे ईरान में शोक की लहर है और अमेरिका व इजरायल के खिलाफ भारी आक्रोश देखा जा रहा है।
ईरान ने आधिकारिक तौर पर अपने सर्वोच्च नेता की मौत का बदला लेने का संकल्प लिया है। इस बीच, तेहरान ने देश की सबसे शक्तिशाली सैन्य शाखा, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के नए कमांडर-इन-चीफ के नाम का ऐलान कर दिया है।
अहमद वाहिदी को सौंपी गई IRGC की कमान
सर्वोच्च नेता खामेनेई (Ayatollah Ali Khamenei) की मौत के बाद पैदा हुए नेतृत्व के संकट के बीच अहमद वाहिदी (Ahmad Vahidi) को IRGC का नया कमांडर-इन-चीफ नियुक्त किया गया है। गौर करने वाली बात यह है कि खामेनेई ने अपनी मौत से कुछ समय पहले ही 31 दिसंबर 2025 को वाहिदी को डिप्टी कमांडर-इन-चीफ नियुक्त किया था। अब युद्ध की इस नाजुक स्थिति में उन्हें पूरी जिम्मेदारी सौंप दी गई है।
कौन हैं अहमद वाहिदी? (Profile of Ahmad Vahidi)
अहमद वाहिदी ईरान के सैन्य और राजनीतिक गलियारों में एक जाना-माना नाम हैं। उनके अनुभव और इतिहास को देखते हुए उन्हें यह बड़ी जिम्मेदारी दी गई है:iran israel war latest update
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कुद्स फोर्स के पहले कमांडर: वाहिदी 1988 से 1998 तक कुद्स फोर्स (IRGC की विदेशी ऑपरेशंस शाखा) के पहले कमांडर रहे थे।
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पूर्व रक्षा और गृह मंत्री: वह 2009-13 तक ईरान के रक्षा मंत्री और 2021-24 के दौरान इब्राहिम रईसी के शासनकाल में गृह मंत्री रह चुके हैं।
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महत्वपूर्ण पदों पर अनुभव: वे एक्सपीडिएंसी डिस्कर्नमेंट काउंसिल के सदस्य और सुप्रीम नेशनल डिफेंस यूनिवर्सिटी के अध्यक्ष भी रहे हैं।
विवादों और प्रतिबंधों से पुराना नाता
अहमद वाहिदी का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काफी विवादों में रहा है।
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इंटरपोल रेड नोटिस: 1994 में अर्जेंटीना के ब्यूनस आयर्स में AMIA यहूदी केंद्र पर हुए बम विस्फोट (जिसमें 85 लोग मारे गए थे) में कथित संलिप्तता के लिए वे इंटरपोल की ‘रेड नोटिस’ सूची में हैं।
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अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध: ईरान के परमाणु कार्यक्रम और मानवाधिकारों के उल्लंघन के आरोपों के चलते अमेरिका और यूरोपीय संघ (EU) ने उन पर कड़े प्रतिबंध लगाए हुए हैं।
खामेनेई के परिवार पर भी गिरा हमला
इजरायली हमलों की चपेट में न केवल सर्वोच्च नेता आए, बल्कि तेहरान में हुई इस भारी तबाही में उनके परिवार के सदस्यों की भी जान गई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस हमले में खामेनेई की बेटी, दामाद और नाती की भी मौत हो गई है। खामेनेई के कुल तीन बेटे और दो बेटियां हैं, और इजरायली हमलों ने उनके पूरे परिवार और सत्ता के केंद्र को हिलाकर रख दिया है।
भविष्य की आहट: क्या बढ़ेगी जंग?
ईरान के नए कमांडर अहमद वाहिदी के नेतृत्व में ईरान अब ‘ऑपरेशन रिवेंज’ की तैयारी कर रहा है। इजरायल और अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में अपनी सुरक्षा व्यवस्था को हाई अलर्ट पर रखा है। तेहरान और आसपास के क्षेत्रों में हुई भारी तबाही के बाद अब पूरी दुनिया की नजरें ईरान की अगली जवाबी कार्रवाई पर टिकी हैं।





